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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिल्‍म रिव्‍यू: फास्ट एंड फ्यूरियस 7 (3 स्‍टार)

By Tilak RajEdited By:
Published: Fri, 03 Apr 2015 10:19 AM (IST)Updated: Fri, 03 Apr 2015 04:15 PM (IST)

फास्ट एंड फ्यूरियस 7 अपने प्रशंसकों के बीच एक्शन और स्टंट के साथ मौजूद हैं। फिल्म में मनोरंजन तो है मगर कुछ बोरिंग सीन भी।

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ए - एक्शन थ्रिलर
डायरेक्टर - जेम्स वान
कास्ट - विन डीजल, पॉल वॉकर, मिशैल रोड्रीग्यूज, डैन जॉनसन
स्टार - 3
ऐसा लगता है कि फास्ट एंड फ्यूरियस के तीसरे हिस्से के बाद वाले जितने भी सीक्वल आए हैं वो अंत तक आते आते कमजोर पड़ जाते हैं। डायरेक्टर जस्टिन लिन ने हर किसी को आश्चर्यचकित किया है। सीक्वल के ट्रेंड को बदला है। एक अच्छी बात निकलकर सामने आई है जो 4,5 और 6 में नहीं थी। इन फिल्मों में कोई मजबूत कहानी नहीं थी मगर स्टंट के भरोसे फिल्म चल रही थी।

जेम्स वान, सॉ के डायरेक्टर रहे हैं। उनके लिए इस फिल्म का सातवां सीक्वल बनाना एक तरह से उनके लिए अजीब पसंद था। बावजूद इसके उन्होंने निराश नहीं किया। फिल्म को जिस उत्साह की जरूरत थी वान ने उस चीज को फिल्म में डाला।

'फास्ट एंड फ्यूरियस 7' के प्रमोशन के लिए उत्साहित अली फजल
इस बार , शॉ डेकर्ड (जेसन स्टेथम) उस गैंग को तोड़ने के लिए बाहर है जिसके कारण उसके भाई को पिछली फिल्म में अस्पताल जाना पड़ा था। इसके पहले के तीन हिस्से टोकियो ड्रिफ्ट के इवेंट पर आधारित थे। लेकिन यह पहला मौका है जब सीक्वल फिल्म में लगभग सारी बातें सही जगह हुई है। एक सामान्य कहानी को असाधारण तरीके से बताया गया है। फिल्म में कार के साथ ही कुछ किरदार भी बदले गए हैं। नतालिया इम्मान्यूल ने गल गेडोत की जगह ली है। फिल्म में अली फजल भी एक रोल के लिए नजर आए हैं।

फिल्म में जो महत्वपूर्ण है वो है एक्शन और स्टंट सीन। इन सीन्स में ट्रकलोड्स का इस्तेमाल किया गया है। मगर ऊंची ईमारतों से कूदती कार और पहाड़ियों के बीच दौड़ते ये ट्रक आपको हैरान कर देते हैं। आप इन सभी बातों से बोर होने ही वाले होते हैं कि इतने में इन कारों पर ड्रोन से मिसाइले दागी जाती है। यह सबकुछ किसी को मनोरंजन तो किसी को कुछ अजीब सकता है।

बाप रे! रिलीज से पहले ही लीक हो गया इस फिल्म का क्लाइमेक्स!
केवल एक बात ही है जो इस फिल्म के लिए बुरी है और वो ये कि यह 3डी है। एक्शन का हर सीन हिलते हुए कैमरे के साथ 3डी में देखना किसी का भी सिर दुखा सकता है। कम लाइट में शूट किए गए कुछ सीन भी दिक्कत का कारण बन सकते हैं क्योंकि 3डी से देखते समय इमेज और भी मद्दम हो जाती है। इसके अलावा फिल्म जो कुछ भी दिखाती है अच्छा है। इसमें दिवंगत पॉल वॉकर को गुड बाय भी शामिल है।

अवधि- 134 मिनट