एक्टर बनने पर सोनाक्षी सिन्हा क्यों कर रही हैं अफसोस?
सोनाक्षी कहती है "मैं बचपन में खिलाड़ी बनना चाहती थी लेकिन पापा ने कहा तुम खेल में करियर बनाओगी तो मैं सपोर्ट नहीं कर पाउँगा और मुझे एक्ट्रेस बनना पड़ा।"
मुंबई। अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा बचपन में खेलों में नाम कमाने का इरादा रखती थी लेकिन पापा शत्रुघ्न सिन्हा ने बेटी की हसरतों को एक ही झटके में चूर चूर कर दिया था। सोनाक्षी को आज भी उस बात का मलाल है और सवाल भी कि 'बेटी खेलाओ ' का मतलब माँ-बाप कब समझेंगे।
फिल्म 'अकीरा' के प्रमोशन में उतरी सोनाक्षी सिन्हा की नज़र इन दिनों रियो ओलंपिक मेडल विनर्स पी. वी. सिंधु और साक्षी मलिक की कामयाबी पर है। उनकी इस सफलता को सोनाक्षी अपने से जोड़ रही है क्योंकि उसके दिल में अब भी उस बात का गम जब सोनाक्षी के पिता ने उसे खेलों में जाने से रोक दिया था। सोनाक्षी कहती है "मैं बचपन में खिलाड़ी बनना चाहती थी लेकिन पापा ने कहा तुम खेल में करियर बनाओगी तो मैं सपोर्ट नहीं कर पाउँगा और मुझे एक्ट्रेस बनना पड़ा।"
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सोनाक्षी कहती है कि सिंधु और साक्षी की ओलम्पिक जीत के बाद देश में महिलाओं को खेल के मैदान में प्रोत्साहन देने की बात और मजबूती से उठाई जा रही है। बेटियों का सम्मान उनको सपनों को पूरा करके ही बढ़ाया जा सकता है।
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