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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा चुनाव: SP-RLD और कांग्रेस गठबंधन हुआ तो दिलचस्प होगा मुकाबला

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 18 Jan 2017 09:30 AM (IST)Updated: Wed, 18 Jan 2017 05:46 PM (IST)

यूपी चुनाव 2017 के लिए सभी दलों ने अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं। गाजियाबाद में सपा, कांग्रेस और रालोद का गठबंधन तय माना जा रहा है।

विधानसभा चुनाव: SP-RLD और कांग्रेस गठबंधन हुआ तो दिलचस्प होगा मुकाबला
विधानसभा चुनाव: SP-RLD और कांग्रेस गठबंधन हुआ तो दिलचस्प होगा मुकाबला

गाजियाबाद (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए राजनीतिक दलों की तैयारी पूरी हो चकी है। जहां एक ओर बहुजन समाज पार्टी (BSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चार सीटों पर पत्ते खुल चुके हैं, वहीं अब सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल व जनता दल यूनाइटेड की तरफ लगी हैं। मोटे तौर पर गठबंधन के लिए सहमति बन जाने के बाद अब सीटों का बंटवारा होना ही बाकी रह गया है।

हालांकि, सोमवार को पूरे दिन चर्चा रही कि रालोद प्रमुख चौ.अजित सिंह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले हैं और भाजपा के साथ रालोद का गठबंधन हो सकता है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने इस चर्चा को सिरे से खारिज किया। इसके बाद फिर से इस चर्चा को बल मिला कि रालोद, कांग्रेस और सपा में चुनावी तालमेल होगा। तीनों दलों के सूत्र बताते हैं कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और जयंत चौधरी बराबर एक-दूसरे के संपर्क में हैं।

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यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा की तरफ से की जा रही युवा शक्ति की बात जनमानस को अच्छी लग रही है। इसी को जवाब देने के लिए तीनों युवा नेता एक मंच पर आ सकते हैं। तीनों दलों के सक्रिय कार्यकर्ता व समर्थक चाहते भी हैं कि ऐसा ही हो।

यूपी चुनाव के मद्देनजर राजनीति के जानकार मानते हैं कि तीनों दलों का गठबंधन होने पर गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में राजनीति का तीसरा कोण मजबूती के साथ उभरेगा। अधिकांश सीटों पर इस गठबंधन के उम्मीदवार मुकाबले में हो सकते हैं। गाजियाबाद में 2012 के चुनाव में विजयी रहे सुरेश बंसल को 35.57 फीसद वोट मिले थे और दूसरे स्थान पर रहे अतुल गर्ग को 28.88 फीसद।

पिछले यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सुरेंद्र गोयल को 20.49 फीसद तो सपा के पवन शर्मा को 9.46 फीसद वोट मिले थे। कांग्रेस व सपा का गठबंधन होने पर रोचक मुकाबला हो सकता है। मुरादनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 22.85 तो सपा के राजपाल त्यागी को 24.75 वोट प्राप्त हुए थे जबकि विजयी रहे बसपा के वहाब चौधरी का स्कोर 26.43 फीसद रहा था। इन आंकड़ों से वहां के मुकाबले का अंदाज आसानी से लगाया जा सकता है।

लोनी में विजयी रहे बसपा के जाकिर अली को 41.52 फीसद मत प्राप्त हुए थे तो रालोद के मदन भइया को 29.82 फीसद और सपा के औलाद अली को 3.09 फीसद वोट मिले थे। भाजपा के विनोद बंसल ने 22.39 फीसद मत पाए थे।

जाहिर है कि गठबंधन का प्रत्याशी मुकाबले में होगा। साहिबाबाद में कांग्रेस के सतीश त्यागी को 15.34 तो सपा के प्रहलाद शर्मा को 10.87 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि विजयी रहे बसपा के अमरपाल शर्मा का स्कोर 37.26 फीसद था। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सुनील शर्मा को 29.97 फीसद वोट मिले थे।

यहां भी गठबंधन का प्रत्याशी मुकाबले का तीसरा कोण बन जाएगा। मोदीनगर सीट तो 33.08 फीसद वोट पाकर रालोद के सुदेश शर्मा ने ही जीती थी, जबकि तीसरे स्थान पर रहे सपा के रामआसरे शर्मा को 23.31 प्रतिशत मत मिले थे। यहां तो लगता है कि अन्य दलों का मुकाबला ही गठबंधन के प्रत्याशी से होगा।

वहीं, रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी का कहना है कि रालोद प्रमुख चौ.अजित सिंह या चौ.जयंत सिंह की मुलाकात सोमवार को भाजपा नेता राजनाथ सिंह से होने की चर्चा गलत है। गठबंधन किसके साथ होगा और उसका स्वरूप क्या होगा, इसका पता आजकल में ही चल जाएगा।