यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Election: कसाब नामकरण कर किया मुस्लिमों को जलील: आजम
आजम खां ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस सपा और बसपा का कसाब नामकरण कर मुसलमानों को जलील किया है।

फैजाबाद (जेएनएन)। विधानसभा चुनाव में रोज गढ़े जा रहे जुमलों में 'कसाब' नामकरण प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां को चुभ गया है। उन्होंने नरेंद्रालय परिसर में आयोजित चुनावी सभा में पीएम मोदी से कहा कि वे शाह व साध्वी जैसे बेअंदाज लोगों पर लगाम कसें। अल्फाजों के मायने अगर हम निकालेंगे तो इंसानों के नहीं जानवर के होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कसाब नामकरण कर मुसलमानों को जलील किया है। वह पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
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आजम खां ने मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने की बात कही। करीब एक घंटे लंबे भाषण में उन्होंने मुस्लिमों से बसपा पर कभी एतबार न करने को कहा। उन्होंने कहा कि बादशाह (नरेंद्र मोदी ) बहुत बड़ा होता है। उसके मुंह से छोटी बात शोभा नहीं देती। कब्रिस्तान व श्मशान की आड़ में उन्होंने सेंवई-गुझिया की मिठास में जहर घोला है। कहा कि कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण इसलिए कराया ताकि हिंदू-मुसलमानों के बीच जमीनी विवाद न रहे। आजम ने मुजफ्फरनगर व दादरी के दंगों की मुस्लिमों को याद दिलायी। दंगों को लेकर लग रहे इल्जामों के बारे में खुद को बेगुनाह बताया। कहा, उनकी सरकार ने श्मशान के लिए भी 126 करोड़ रुपये दिए हैं।
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आजम ने बसपा को मुस्लिमों का दुश्मन नंबर एक साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। दिवंगत कांशीराम के अयोध्या में विवादित परिसर में शौचालय बनाने के बयान तक की याद दिलायी। इमाम बुखारी के बसपा के पक्ष में दिए गए फतवे की आलोचना की। कहा, बसपा को वोट देने से अच्छा है, भाजपा को वोट दे देना। अटल जी की सरकार में शाइनिंग इंडिया में चलाई गई बस की याद दिलायी। कहा कि उस बस में खिड़की से सिर निकालने वाला और कोई नहीं बुखारी ही थे। वह अटल जी को बता रहे थे कि हम बस में हैं। मतलब आप समझ गए होंगे।
