जानिए, मुलायम-शिवपाल के कौन से खास नेता हुए अखिलेश के गुस्से का शिकार
समाजवादी पार्टी में नया मुस्लिम चेहरा बनकर उभरे गाजियाबाद से एमएलसी आशु मलिक पर अखिलेश यादव की नाराजगी भारी पड़ी। ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी में सत्ता परिवर्तन के बाद मुलायम समर्थकों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। इस कड़ी में अखिलेश यादव ने गाजियाबाद से एमएलसी और मुलायम के चहेते आशु मलिक की वाई श्रेणी की सुरक्षा को हटा दिया है। बता दें कि बीते कुछ दिनों में आशु और मुलायम की निकटता बढ़ी है और सपा में जारी रार के कारण आशु लंबे समय से लखनऊ में ही हैं।
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की नाराजगी के चलते अमल में लाई गई है। अब आगे आने वाले दिनों में इसी तरह की और बड़ी कार्रवाई भी मुलायम समर्थकों के ऊपर हो सकती है।
गौरतलब है कि साल के पहले दिन एक जनवरी को प्रोफेसर रामगोपाल यादव द्वारा बुलाए गए आपातकालीन अधिवेशन में अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के साथ-साथ मुलायम सिंह यादव को संरक्षक की हैसियत के तौर पर मनोनीत कर दिया गया था।
इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और महासचिव अमर सिंह को भी पद से हटा दिया गया। इस कार्यवाही को आयोग को अवगत कराने के लिए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को सभी सदस्यों की तरफ से अनुरोध किया गया है।
गौरतलब है कि अभी तक मुलायम के करीबी रहे आजम खान को पार्टी का मुस्लिम चेहरा माना जाता रहा है, लेकिन लोकसभा चुनावों में अपने गढ़ रामपुर और आसपास की सीटों को न बचा पाने के कारण आजम पार्टी के अन्य बड़े नेतृत्व के बीच अपना करिश्मा खो बैठे थे।


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