विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरीवाल पर बरसे तिवारे, कहा- हार का बदला जनता से ले रहे हैं सीएम

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 23 Jun 2017 08:47 PM (IST)Updated: Fri, 23 Jun 2017 10:30 PM (IST)

निगम चुनाव के पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को धमकी दी थी कि अगर 'आप' को वोट नहीं दिया तो तुम्हारे साथ गलत होगा।

केजरीवाल पर बरसे तिवारे, कहा- हार का बदला जनता से ले रहे हैं सीएम
केजरीवाल पर बरसे तिवारे, कहा- हार का बदला जनता से ले रहे हैं सीएम

नई दिल्ली [जेएनएन]। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि निगम चुनाव से पहले 'आप' सरकार निगमों को इसलिए परेशान कर रही थी ताकि सत्तासीन भाजपा बदनाम हो जाए, लेकिन अब वह जनता से बदला लेने के लिए निगम को परेशान कर रही है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक वेतन व भत्तों को लेकर परेशान हैं। जिसका सीधा असर निगम के कार्यकलापों पर पड़ रहा है। अंतत: इससे आम जनता परेशान हो रही है।

तिवारी ने कहा कि दिल्ली के बजट का महज पांच फीसद हिस्सा तीनों निगमो को मिलता है। फिर भी निगम को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जाते हैं। बता दें कि तिवारी पूर्वी निगम में ऑनलाइन ट्रेड लाइसेंस के उद्घाटन समारोह में यह बोल रहे थे।

मनोज तिवारी ने कहा कि पूर्वी निगम के कर्मचारी अक्सर धरना व हड़ताल करते रहते हैं। जिसे देखकर तकलीफ होती है। लेकिन कर्मचारी भी क्या करें, वेतन व भत्ता न मिलने पर वह ऐसा करने को मजबूर हो जाते हैं। निगम चुनाव के पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को धमकी दी थी कि अगर 'आप' को वोट नहीं दिया तो तुम्हारे साथ गलत होगा। हालांकि, करारी हार के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि वह निगम को सहयोग करेंगे, लेकिन आज हालात आपके सामने हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि स्थानीय निकाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत रखने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होती है। लेकिन निगम की हालत दिनोंदिन और खराब होती जा रही है। इसके पीछे उद्देश्य जनता को परेशान करने के साथ-साथ भाजपा को बदनाम करना है। अगर ऐसा नहीं होता तो प्रदेश सरकार काफी पहले चौथे वित्त आयोग की सिफारिश को लागू कर चुकी होती।

तिवारी ने कहा कि दिल्ली का बजट 48 हजार करोड़ रुपये का है और तीनों निगमों को बजट मात्र 2800 करोड़ ही मिलता है। इससे समझा जा सकता है कि दिल्ली की बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार है। 

यह भी पढ़ें: 21 AAP विधायकों के मामले में कपिल मिश्रा ने पकड़ा केजरीवाल का बड़ा झूठ

यह भी पढ़ें: बड़ा सवाल, आखिर कौन बचा रहा केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र को