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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फोन टैपिंग पर बयान देकर फंस गए सीएम केजरीवाल, पुलिस ने मांगा 'सबूत'

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 04 Nov 2016 04:49 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 04 Nov 2016 09:50 PM (GMT+05:30)

कमिश्नर ने केजरीवाल से जजों के फोन टैप किए जाने के आरोपों का 'स्रोत' बताने को कहा है। दिल्ली पुलिस ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जजों के फोन टैपिंग के आरोप को लेकर सबूत मांगे हैं। इसके जवाब में केजरीवाल ने पुलिस से दो टूक कहा--'आईबी (गुप्तचर ब्यूरो) से पूछो, वह आपको बताएगा।'

दिल्ली पुलिस अब उन्हें बयान के लिए तलब भी कर सकती है। सोमवार को केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में जजों के फोन टेप करने का आरोप लगाकर विवाद ख़़डा कर दिया था। विज्ञान भवन में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।

केजरीवाल ने कहा था-'मैंने दो जजों को यह बात करते हुए सुना है कि फोन पर बात मत करो, इसे टैप किया जाता है। मुझे नहीं पता कि यह सही है या गलत, पर अगर सही है तो यह खतरनाक है। फिर न्यायपालिका की स्वतंत्रता कहां है? अगर किसी जज ने गलत काम किया है तो भी उनके फोन टैप नहीं किए जाने चाहिए। उनके खिलाफ सबूत जुटाने के कई दूसरे तरीके हो सकते हैं।

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कानून मंत्री ने किया था खंडन

कार्यक्रम में मौजूद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने भाषषण में जजों के फोन टैप होने के आरोप का खंडन किया था। उन्होंने कहा था, 'मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ इस बात का खंडन करता हूं कि भारत में जजों के फोन टैप किए जाते हैं।

पुलिस आयुक्त ने लिखा पत्र

दिल्ली पुलिस आयुक्त एके वर्मा ने केजरीवाल को भेजे पत्र में सबूत देने का आग्रह करते हुए लिखा--'आपने कथित रूप से आरोप लगाया है कि जजों के फोन टेप किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट से संकेत मिला है कि आपने कुछ जजों को ऐसी बात करते हुए सुना है।

वर्मा ने पत्र में यह भी लिखा है कि जैसा कि आप जानते हैं कि फोन टैपिंग बेहद गंभीर मामला है और कानून में सख्त प्रावधानों के कारण सक्षम प्राधिकारी से बगैर मंजूरी इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए इस मामले में आपका इशारा गंभीर चिंता पैदा करता है। ऐसे हालात में कृपया आप हमें ऐसी किसी घटना या मामले की जानकारी दें, जिसका जिक्र आपने अपने भाषण में किया है। यदि आप उस स्रोत की भी जानकारी देंगे तो पुलिस उपयुक्त कार्रवाई कर सकेगी।

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