यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
माउंट मकालू पर तूफान ने रोका पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी का रास्ता
दुनिया की पांचवे सबसे उंचे शिखर माउंट मकालू को फतह करने पहुंचे शहर के पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी मुश्किल में फंस गए है।

नोएडा। दुनिया की पांचवे सबसे उंचे शिखर माउंट मकालू को फतह करने पहुंचे शहर के पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी मुश्किल में फंस गए है। फिलहाल वाजपेयी एडवांस बेस कैंप पर हैं जहां बर्फबारी और तूफान ने उनके कदम रोक दिए हैं। अर्जुन माउंट मकालू के कैंंप वन पर पहुंच गए थे लेकिन तूफान की वजह से उन्हें एडवांस बेस कैंंप पर वापस लौटना पड़ा है। मौसम ठीक होने के बाद एक बार फिर अर्जुन चोटी को फतह करने के लिए पहाड़ की चढ़ाई शुरू करेंगे।
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अर्जुन वाजपेयी ने मंगलवार को सुबह आठ बजे एडवांस बेस कैंंप से चढ़ाई शुरू की और लगभग साढ़े ग्यारह बजे 6300 मीटर यानी करीब 21000 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित कैप वन पर पहुंच गए। अर्जुन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि कैंंप वन पहुंचने के बाद उन्होंंने देखा कि तेज तूफान आने वाला है और 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है। आसमान मेंं काले बादल छा गए है। ऐसे मेंं मैंने वापस नीचे जाने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि शहर के पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी माउंट मकालू को फतह करने का यह चौथा प्रयास कर रहे हैंं। पहले तीनोंं अभियान मेंं सफलता नहींं मिली थी। इस बार विशेष प्रशिक्षण भी लिया है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अर्जुन वाजपेयी 15 से 25 मई के बीच मकालू की चोटी को फतह कर लेंंगे। यदि अर्जुन वाजपेयी मकालू फतह कर लेते हैंं तो वह मात्र 22 साल की उम्र मेंं विश्व की चार सबसे ऊंची चोटी को फतह करने वाले पहले पर्वतारोही बन जाएंगे।
इस बीच अर्जुन वाजपेयी के पिता ने बताया कि अर्जुन मंगलवार को कैंंप वन पर पहुंच गए थे। वहां रात बिताने की योजना थी लेकिन तूफान और तेज हवाओंं की वजह से उन्हेंं वापस एडवांस बेस कैंंप पर लौटना पड़ा। मउंट मकालू पर फतह पाना कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में 9 मई को 2 शेरपाओं की यहां मौत हो चुकी है।
