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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर : BJP-PDP सरकार बनने से पहले केजरी के मंत्री ने फोड़ा ‘लेटर बम’

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 25 Mar 2016 02:02 PM (IST)Updated: Fri, 25 Mar 2016 04:12 PM (IST)

अरविंद केजरीवाल कैबिनेट में शामिल मंत्री कपिल मिश्रा ने भाजपा को इशारों-इशारों में सत्ता का लोभी बताते हुए पार्टी के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन का रास्ता साफ होते ही भारतीय जनता पार्टी पर विपक्षी दलों का हमला तेज हो गया है। इस कड़ी में सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने 'लेटर बम' से हमला बोला है।

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अरविंद केजरीवाल कैबिनेट में शामिल मंत्री कपिल मिश्रा ने भाजपा को इशारों-इशारों में सत्ता का लोभी बताते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चार सवालों का लेटर बम फोड़ा है। खत में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने चार तीखे सवाल पूछे हैं।

खत में आप सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने लिखा है, ‘यह तो अब पूरे देश के लोगों को दिखाई दे रहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों में सत्ता हथियाने या सत्ता में भागीदार बनने के लिए भाजपा अब अंधी दौड़ में लग चुकी है, जहां किसी भी नियम, कायदे, कानून और मर्यादा की कोई जगह नहीं है।’

उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए लिखा है, ‘कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रूबैया सईद की बहन महबूबा मुफ्ती मिलने आई थीं। चर्चा है कि मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर का नया मुख्यमंत्री बनाने जा रहे हैं।’ खत में रूबैया सईद का नाम केजरीवाल के मंत्री ने जान-बूझकर लिया है।

यहां पर याद दिला दें कि आतंकियों ने साल 1989 में मरहूम मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबैया सईद का अपहरण कर लिया था। रुबैया के बदले में आतंकवादियों ने अपने पांच साथियों को मुक्त करवा दिया था। उस समय केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी और उस सरकार में मुफ्ती मोहम्मद सईद गृहमंत्री थे।

कपिल मिश्रा ने खत में कहा है, ‘एक आम हिंदुस्तानी होने के नाते मुझे लगता है कि भाजपा व आरएसएस जो यह समझौता कर रही हैं, इसकी बड़ी कीमत देश को आने वाले समय में चुकानी पड़ेगी।’
उन्होंने खत में आगे लिखा है, ‘... लेकिन जब बात जम्मू-कश्मीर की हो तो राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि से पहले एक बार देश का अच्छा-बुरा सोचना कहीं ज्यादा जरूरी हो जाता है।’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से कपिल मिश्रा के सवाल

1.क्या महबूबा मुफ्ती ‘भारत माता की जय’ कहने में यकीन रखती हैं। अगर वो ऐसा नहीं कहती तो क्या फिर भी भाजपा उनके साथ सरकार बनाएगी?

2. क्या महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की कुर्सी पर बैठने से पहले पूरे देश के सामने ‘अफजल गुरु आतंकवादी था, अफजल गुरु मुर्दाबाद’ नारा लगाएंगी। अगर नहीं तो क्या मजबूरी है जो आप उनके साथ सरकार बनाने को बेचैन हैं।

3. महबूबा मुफ्ती के दबाव में पाकिस्तान दिवस के अवसर पर भारत सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री को पाकिस्तान भेजा जाना क्या देश की साख को दुनिया के सामने कमजोर नहीं करता।

4.पठानकोट के हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की जांच टीम को अनुमति दी गई है। पूरी दुनिया हैरान है कि क्या भारत अब ये नहीं मानता है कि पाकिस्तान की सेना और सरकार मिलकर आतंकवादियों को प्रशिक्षण व हथियार देते हैं। के खिलाफ देश की वर्षों की लड़ाई को आपने एक झटके में कमजोर कर दिया है। क्या इसके लिए भी महबूबा मुफ्ती का दवाब ही कारण है?