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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तानी हिंदुओं ने बयां किया दर्द

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Published: Wed, 24 Apr 2013 01:09 AM (IST)Updated: Wed, 24 Apr 2013 01:10 AM (IST)

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

पाकिस्तान से आए हिंदु शरणार्थियों ने मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में ताप्ती छात्रावास में अपनी दर्द भरी दास्तां को बयां किया। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को सुनकर छात्रों के होश उड़ गए।

पाकिस्तानी हिंदुओं की व्यथा नाम से आयोजित गोष्ठी में एक पाकिस्तानी हिंदु महिला ने बताया कि उसके 21 वर्षीय बच्चे का अपहरण कर तालिबान भेज दिया गया। उसका बेटा अभी तक वापस नहीं आया। बच्चे की मृत शरीर की तस्वीर उसके जेहन में बार-बार आती है।

वहीं राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने भारत सरकार को जल्द से जल्द पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के मामलों में दखल देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से किसी भी प्रकार की सदभावना व सदाचार की अपेक्षा करना बेमानी है। वो जल्द ही पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मामले को संसद में उठाएंगे।

वहीं विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि 1947 में पाकिस्तानी में हिंदू आबादी कुल जनसंख्या की 30 फीसद थी। यह आंकड़ा 1951 में घटकर 21 फीसद तक पहुंच गया। जबकि वर्तमान में कुल आबादी में हिंदू जनसंख्या 1 प्रतिशत है।

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