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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच बार फाइनल में चेन्नई ही क्यों? सारी उंगलियां सीएसके की तरफ

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Published: Sat, 25 May 2013 10:51 AM (IST)Updated: Sat, 25 May 2013 04:37 PM (IST)

छह आईपीएल टूर्नामेंटों के पांच खिताबी मुकाबलों में जगह बनाने वाली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) पर मैच फिक्सिंग प्रकरण की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। छह आईपीएल टूर्नामेंटों के पांच खिताबी मुकाबलों में जगह बनाने वाली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) पर मैच फिक्सिंग प्रकरण की छाया गहरी होती जा रही है। फिक्सिंग मामले में फंसे अभिनेता विंदू दारा सिंह के सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी के साथ आईपीएल मैच देखने के बाद टीम मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन से उनकी नजदीकी ने सारी अंगुलियां इस टीम की ओर उठा दी हैं। सबसे खास बात यह है कि फिक्सिंग की पहली कड़ी बने राजस्थान रॉयल्स के पूर्व खिलाड़ी श्रीसंत की गर्लफ्रेंड भी सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी साक्षी रावत की दोस्त हैं।

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इस मामले पर पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी का कहना है कि स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण और खराब होता जा रहा है। श्रीनिवासन और उनके परिवार को फौरी तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें तुरंत आईपीएल से प्रतिबंधित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीसीसीआइ अध्यक्ष और सीएसके मालिक श्रीनिवासन आईपीएल को कंट्रोल कर रहे हैं। सबसे अच्छा तरीका है कि सभी फ्रेंचाइजी मालिक एक गवर्निग काउंसिल गठित करें और बीसीसीआइ की जगह वही गवर्निग काउंसिल आइपीएल को चलाए। पूरे विश्व में कई लीग इसी तरह चल रही हैं।

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इन सबके चलते चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ मैचों को भी संदेह से देखा जा रहा है। आईपीएल-6 के दौरान छह अप्रैल को मुंबई और चेन्नई के मैच में विंदू पहली बार चेपक मैदान में साक्षी के साथ मैच देखते नजर आए थे। धौनी के मैनेजर भी विंदू के पास में ही बैठे थे। अच्छी शुरुआत मिलने के बाद भी चेन्नई सुपरकिंग्स यह मैच हार गई थी। एक समय चेन्नई ने मुंबई के 17 रन पर दो विकेट गिरा लिए थे लेकिन बाद में उसे अपने ही मैदान पर नौ रन से पराजय का सामना करना पड़ा। इस मैच को जीतने के लिए सीएसके को आखिरी ओवर में 12 रन की जरूरत थी और कप्तान धौनी 26 गेंदों पर 51 रन बनाकर खेल रहे थे। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर ही धौनी आउट हो गए और इस ओवर में सीएसके सिर्फ दो रन ही बना सकी।

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बेंगलूर के खिलाफ आखिरी लीग मैच में भी सीएसके की ओर से कुछ आश्चर्यजनक फैसले लिए गए। आठ-आठ ओवर के इस मैच में सीएसके ने गेल-कोहली के सामने अपने ओपनर गेंदबाज मोहित शर्मा से शुरुआत कराने की बजाय गेंद आर. अश्विन को सौंपी। अश्विन ने दो ओवर किए और 26 रन दिए। यह नहीं इस महत्वपूर्ण मैच में शर्मा को आखिर में सिर्फ एक ओवर मिला जिसमें उन्होंने एक विकेट भी झटका। चेन्नई को 106 रनों का लक्ष्य मिला था। आठ ओवर में इतने बड़े लक्ष्य के बावजूद ओपनिंग में ऑउट ऑफ फॉर्म मुरली विजय को उतारा गया। दो विकेट गिरने के बाद भी धौनी नहीं उतरे जबकि वह अच्छी फॉर्म में हैं।

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