यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सचिन ने आखिरी घरेलू मैच में खेली यादगार पारी, रणजी को कहा अलविदा
सचिन तेंदुलकर ने अपने आखिरी घरेलू मैच में मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताऊ पारी खेलकर वेस्टइंडीज के लिए खतरे की ...और पढ़ें

लाहली (रोहतक)। सचिन तेंदुलकर ने अपने आखिरी घरेलू मैच में मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताऊ पारी खेलकर वेस्टइंडीज के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आखिरी घरेलू मैच में अपनी टीम मुंबई को चार विकेट से जीत दिलाने के लिए सचिन ने इस मैच की नाबाद 79 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। धवल कुलकर्णी ने विजयी चौका लगातार मुंबई को जीत दिलाई और जीत के तुरंत बाद सचिन के साथी खिलाड़ी उन्हें कंधे पर बिठाकर पवेलियन तक लेकर गए।
आखिरी घरेलू मैच में जमकर बोला भगवान का बल्ला
सचिन ने यह मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने दो आखिरी टेस्ट मैच से पहले प्रैक्टिस के लिए खेला था। उनका अंतिम घरेलू मैच होने के चलते मुंबई-हरियाणा का यह रणजी मैच आकर्षण का केंद्र बन गया। पहली पारी में महज 5 रन बनाकर आउट होने वाले सचिन ने दूसरी पारी में अपनी टीम और फैंस को बिल्कुल निराश नहीं किया और टीम को मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताकर ही दम लिया।
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सचिन कल से यहां बैटिंग कर रहे थे। तीसरे दिन का जब खेल बंद हुआ तो सचिन 55 रन बनाकर नॉट आउट थे और मुंबई के 6 विकेट गिर चुके थे। चौथे दिन मुंबई को जीत के लिए 39 रन और चाहिए थे और जिस तरह लाहली की कातिलाना पिच पर पहले तीन दिन में 36 विकेट गिरे, आखिरी दिन 39 रन बनाना भी आसान नहीं था। सचिन ने चौथे दिन भी संयम से बैटिंग का सिलसिला जारी रखा और धवल कुलकर्णी ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। सचिन ने 175 गेंदों पर 6 चौकों की बदौलत नाबाद 79 रन बनाए, जबकि धवल कुलकर्णी 72 गेंदों पर नॉटआउट 16 रन बनाए।
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