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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइसीसी के इस कदम से बीसीसीआइ हुआ नाराज, पाकिस्तान खुश

By ShivamEdited By:
Published: Wed, 23 Nov 2016 08:28 PM (IST)Updated: Thu, 24 Nov 2016 07:41 AM (IST)

द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलने के कारण छह अंक काट दिए जाने से बीसीसीआइ के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के साथ संबंध और कड़वे हो गए हैं।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय महिला टीम के पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलने के कारण छह अंक काट दिए जाने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के शशांक मनोहर की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के साथ संबंध और कड़वे हो गए हैं।

महिला क्रिकेटरों को नियमों का हवाला देकर 'आसान निशाना' बनाए जाने के विरोध में हो सकता है कि भारतीय पुरुष टीम अगले साल इंग्लैंड में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में नहीं खेले। आइसीसी के रवैये से बीसीसीआइ नाराज है और उसने वैश्विक संस्था में विरोध दर्ज कराया है।

बीसीसीआइ के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'आइसीसी इससे अच्छी तरह वाकिफ है कि वर्तमान परिस्थितियों में जबकि भारतीय सैनिक शहीद हो रहे हैं तब पाकिस्तान के खिलाफ खेलना संभव नहीं है। चेयरमैन को अच्छी तरह से पता है कि हमारे लिए सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है। गुप्त मकसद से उठाया गया यह कदम पाकिस्तान के हाथों में खेलने की कोशिश है। वे कहेंगे कि यदि महिला खेल सकती है तो पुरुष टीम भी खेल सकती है। यदि आइसीसी ने अपना फैसला नहीं बदला तो हमारी पुरुष टीम भी महिला टीम के साथ है और वो चैंपियंस ट्राफी में नहीं खेलेगी।'

आइसीसी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'तकनीकी समिति ने फैसला दिया कि आइसीसी महिला चैंपियनशिप के नियमों के अनुसार पाकिस्तान को तीन में से प्रत्येक मैच के लिए दो अंक मिलेंगे। जबकि 50 ओवरों के इन प्रत्येक मैच के लिए भारत के शून्य अंक होंगे और इसी हिसाब से इसका नेट रन रेट भी समायोजित किया जाएगा।' तकनीकी समिति ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान रिश्तों में यह संवेदनशील मसला है, लेकिन वो इस नतीजे पर पहुंची है कि बीसीसीआइ इस सीरीज में नहीं खेलने के लिए 'स्वीकार्य वजह' नहीं दे पाया।

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शशांक मनोहर के चेयरमैन बनने के बाद आइसीसी और बीसीसीआइ के बीच कई मसलों पर मतभेद उभरते रहे हैं। राजस्व को साझा करने के लिए प्रस्तावित बदलावों से लेकर भारत का कार्यकारी समूह में नहीं होने तक मनोहर का रवैया भारत विरोधी माना जाता है, जबकि बीसीसीआइ सदस्यों का उनके नेतृत्व पर पूरा विश्वास है।

बीसीसीआइ के शीर्ष पदाधिकारी ने कहा, 'ऐसा लग रहा है कि मनोहर का बीसीसीआइ के खिलाफ रवैया भारत विरोधी बनता जा रहा है। बीसीसीआइ का पूर्व अध्यक्ष होने के कारण वह अच्छी तरह से वाकिफ हैं कि भारतीय पुरुष टीम पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज नहीं खेल पायी थी। इसके बावजूद यदि पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने के कारण भारतीय महिला टीम के अंक काटे जा रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह जनभावनाओं की परवाह नहीं करते।'

एशिया कप में पाक से खेलना भी संदिग्ध

भारतीय महिला टीम को एशिया कप में बैंकाक में 29 नवंबर को पाकिस्तान से भिड़ना है, लेकिन वर्तमान हालात में यह स्पष्ट नहीं है कि बीसीसीआइ अपने खिलाड़ियों को एसीसी की मेजबानी वाले इस टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति देगा या नहीं। छह देशों का महिला एशिया कप 26 नवंबर से चार दिसंबर तक खेला जाएगा।

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