विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तलाशना होगा स्मिथ को आउट करने का तरीका: गावस्कर

By sanjay savernEdited By:
Published: Sat, 27 Dec 2014 12:05 AM (IST)Updated: Sat, 27 Dec 2014 12:08 AM (IST)

मेलबर्न की धीमी पिच पर टॉस हारने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

(गावस्कर का कॉलम)

मेलबर्न की धीमी पिच पर टॉस हारने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर बल्लेबाजी करने नहीं दी। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आ रही थी और यहां बल्लेबाज को परेशान करने वाला अतिरिक्त उछाल भी नहीं दिखा जैसा कि ब्रिस्बेन में था।

पिच में टर्न भी दिखा और भारतीय टीम ने अश्विन का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए ओवर रेट को भी बरकरार रखा। उमेश यादव और मुहम्मद शमी ने खासकर अच्छी गेंदबाजी की। लेकिन हर ओवर में एक बाउंड्री गेंद डालने की शमी की प्रवृति से बनाया गया दबाव कमजोर पड़ जा रहा था। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ एक बार फिर भारतीयों के लिए परेशानी का सबब बने और धीमी शुरुआत के बाद खुलकर बल्लेबाजी करते हुए लगातार तीसरे शतक की तरफ उन्होंने अपने मजबूत कदम बढ़ा दिए। अपनी पारी के दौरान स्मिथ ने करियर में पहली बार एक साल में एक हजार से ज्यादा रन बनाने का आंकड़ा भी पार किया। उन्हें आउट करने का तरीका भारतीयों को तलाशना होगा।

भारतीय टीम एक बार फिर उस मोड़ पर है, जहां से मैच उसके हाथ से फिसल जाता है। शीर्ष पांच बल्लेबाज तो पवेलियन लौट चुके हैं, लेकिन जैसा की अतीत में देखा गया है, आखिरी पांच बल्लेबाज ही भारतीय गेंदबाजों के लिए सिरदर्द साबित हुए हैं। और यहां भी छठी जोड़ी विकेट पर अच्छा समय बिता चुकी है। ब्रैड हाडन के नाम चार टेस्ट शतक हैं। पिछली कुछ पारियों में वह तेज गेंदबाजों के सामने थोड़े असहज नजर आए हैं, इसके बावजूद भारत को उन पर केवल शॉर्ट गेंद फेंकने की रणनीति से बचना होगा। अभी मिशेल जॉनसन भी हैं, जो ब्रिस्बेन में शतक के करीब पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलियाई पुछल्ले बल्लेबाज भारतीय निचले क्रम की तरह नहीं हैं। वे अपने विकेट की कीमत जानते हैं और सस्ते में आउट होने से हमेशा बचते हैं।

यदि भारतीय टीम दूसरे दिन पहले सत्र में अच्छी गेंदबाजी नहीं करती है और ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 400 से ज्यादा रन बनाने का मौका दे देती है तो मैच लगभग भारत के हाथ से निकल जाएगा। भारत सीरीज में अभी भी वापसी कर सकता है, लेकिन ऐसा करने के लिए भारतीय क्रिकेटरों को लंबे समय तक दृढ़ संकल्प और अनुशासन दिखाना होगा।

क्रिकेट की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें