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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पटना में बम विस्फोट को ले विधानसभा में जोरदार हंगामा

By pradeep Kumar TiwariEdited By:
Published: Wed, 01 Apr 2015 09:50 PM (IST)Updated: Wed, 01 Apr 2015 09:52 PM (IST)

बिहार विधानसभा में बुधवार को अगमकुआं बम विस्फोट की घटना पर जोरदार हंगामा हुआ। शून्यकाल में बम विस्फोट की घटना ...और पढ़ें

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पटना। बिहार विधानसभा में बुधवार को अगमकुआं बम विस्फोट की घटना पर जोरदार हंगामा हुआ। शून्यकाल में बम विस्फोट की घटना को नहीं उठाने देने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव भोजनावकाश के बाद भाजपा विधायकों के साथ मुंह में कालीपट्टी बांधकर वेल में बैठे रहे।

इस दरम्यान अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और जलसंसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी नेता प्रतिपक्ष से बातचीत से समस्या का निदान करने का आग्रह करते रहे। विजय चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया कि अगर किसी बात से आपकी भावना को ठेस पहुंची है तो सरकार की ओर से हमें खेद है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष और भाजपा सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उद्योग विभाग की 789 करोड़ और गन्ना विभाग की 121 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगों को पारित कराने के बाद अध्यक्ष ने भरे मन से सदन की कार्यवाही 6 अप्रैल को 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

इससे पहले बुधवार की सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टी भाजपा के सदस्यों ने सोमवार की रात अगमकुआं (पटना) में हुए बम विस्फोट को लेकर जोरदार हंगामा किया। भाजपा सदस्य घटना पर तुरंत सरकार का जवाब मांग रहे थे। बात तब और बढ़ गई जब नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव का माइक बंद कर दिया गया। नाराजगी जताते हुए नेता प्रतिपक्ष भी वेल में आ गए। हंगामा शांत नहीं होता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोबारा जब कार्यवाही आरंभ हुई तब नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विपक्षी सदस्य मुंह पर काली पट्टी बांध वेल में आकर बैठ गए। सदन की कार्यवाही कुछ ही देर में 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन की गरमाहट दूर करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने डेढ़ बजे और पुन: ढाई बजे अपने कक्ष में दलीय नेताओं की बैठक बुलाई मगर भाजपा उसमें शामिल नहीं हुई।

पूर्व में दो बजे जब कार्यवाही आरंभ हुए तब मुंह पर काली पट्टी बांध वेल में धरना पर बैठे विपक्ष को देख राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आसन से आग्रह किया कि जो स्थिति उत्पन्न हुई है उसे सदन की कार्यवाही स्थगित कर दूर किया जाए। अध्यक्ष सभी दलों के नेताओं को बुलाकर बात करें। सत्तारूढ़ दल जदयू विधायक दल के नेता एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सिद्दीकी के प्रस्ताव का समर्थन कर कहा कि सदन की जो स्थिति है वह शोभनीय नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने आग्रह मानते हुए सदन की कार्यवाही 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बुधवार को शून्य काल शुरू होते ही भाजपा सदस्य अरुण शंकर प्रसाद ने बम विस्फोट का मामला उठाया। विजय कुमार चौधरी ने खड़े होकर कहा कि सरकार इसपर जवाब देने को तैयार है। नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने जब पूछा कि जवाब कब आएगा तो चौधरी ने बताया कि आज के बाद सदन में सरकार जवाब देगी। इसपर नेता प्रतिपक्ष बोले कि आज के बाद अब सदन की कार्यवाही सोमवार को होगी। सरकार जवाब देने से भाग रही है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष का माइक बंद हो गया, जिसका विरोध करते हुए वह खुद वेल में आ गए। सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित होने पर नेता प्रतिपक्ष ने अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बिहार विधानसभा के इतिहास में आज का दिन काला दिन के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि माइक बंद करना सदन में विपक्ष की आवाज बंद करने की साजिश है। नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं देना निंदनीय है। इसके लिए हम विधानसभा अध्यक्ष एवं सरकार, दोनों की भत्र्सना करते हैं। सरकार हमारी सुनने को तैयार नहीं है। यह सरकार का आतंकवादियों के प्रति नरम रवैये को दर्शाता है। विस्फोट की इस घटना में जो अमोनियम नाइट्रेट, प्लास्टिक एक्सप्लोसिव, डिटोनेटर इस्तेमाल हुआ है वह आतंकी संगठन आइएम और सिमी इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि 7 जुलाई, 2013 को बोधगया और फिर 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान में हुई हुंकार रैली में हुए विस्फोट में भी इन्हीं सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था। हुंकार रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमें इन बातों को शून्य काल में भी उठाने नहीं दिया गया। माइक बंद कर दिया गया।