सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बंगला खाली कीजिए पूर्व मुख्यमंत्री जी, बिहार में हलचल
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी आवास खाली करना पड़ेगा। इसका असर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों पर पड़ेगा।
पटना [वेब डेस्क]। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला नहीं मिलेगा। अबतक रह रहे मुख्यमंत्रियों को अपना बंगला खाली करना पड़ेगा। अब इससे बिहार के जो पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी आवास पर अपना अधिकार जमाए बैठे हैं उन्हें अब अपना आवास छोड़ना पड़ सकता है।
बिहार में मुख्यमंत्री आवास पर चल रही रार
बिहार का मुख्यमंत्री निवास नीतीश कुमार और पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा नेता सुशील मोदी के बीच बहस का एक मुद्दा बना हुआ है। अभी नीतीश कुमार के बाद दो आधिकारिक निवास हैं। 7, सर्कुलर रोड का निवास लालू प्रसाद यादव के घर से दो घर दूर ही है। दूसरा अन्ने मार्ग पर स्थित है, जो कि सीएम का आधिकारिक बंगला है। यह बंगला पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने विवादों के बाद खाली किया था।
बताया जाता है कि नीतीश का 7 नंबर के प्रति कुछ लगाव है, जिसकी वजह से वे 7, सर्कुलर रोड निवास अपने पास रखना चाहते हैं। इस घर में वे तब से रह रहे हैं, जब मांझी के वक्त उन्हें यह अलॉट हुआ था। देश रत्न मार्ग पर सीएम के आधिकारिक बंगले के दूसरी तरफ सीएम सचिवालय का इस्तेमाल भी मुख्यमंत्री के मुख्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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सुशील मोदी ने नीतीश को पत्र लिखते हुए पूछा है, ‘कैसे और क्यों सीएम को दो घर आवंटित हो सकते हैं। एक घर उन्हें सीएम के लिए मिला हुआ है, जबकि एक घर पूर्व सीएम के तौर पर उन्हें पहले अलॉट किया गया था।’ साथ ही पत्र में कहा गया है, ‘जितना मैं जानता है कि आप वंशवाद में विश्वास नहीं करते।
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नीतीश ने पटलवार करते हुए कहा, ‘सुशील कुमार मोदी के पास राजेंद्र नगर में अपना घर है। उन्होंने अपने लिए आधिकारिक बंगला आवंटित क्यों किया? अगर सुशील जी अपना घर दे दें या फिर भाजपा ऑफिस खाली कर दें तो मैं वहां शिफ्ट हो जाऊंगा।’ हालांकि, सीएम ने अपने पास दो घर होने पर कोई टिपप्णी नहीं की।
सुशील मोदी ने इस पर कहा, ‘इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता कि सीएम एक भाजपा नेता के घर या पार्टी ऑफिस में रहते हैं। अगर सीएम मेरे घर में रहना चाहता हैं तो मैं मेरे परिवार वालों से बात कर लेता हूं।’
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेेश के मुख्यमंत्रियों को दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को राजधानी लखनऊ में मिले सरकारी बंगलों को खाली करना होगा। लखनऊ के एक ग़ैर सरकारी संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सोमवार को यह फ़ैसला सुनाया है।
अदालत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जीवनभर के लिए सरकारी बगलों में नहीं रह सकते हैं। उन्हें दो महीने में इन बंगलों को खाली करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव, बहुजन समाज पार्टी नेता मायावती और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को लखनऊ में अपने बंगलों को खाली करना होगा।
दूसरे राज्यों पर भी होगा असर
इसका असर राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी और राजस्थान के राज्यपाल रामनरेश यादव पर भी हो सकता है।
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