Gangs of Wasseypur 2 का 'रीयल लाइफ' नायक है यह सीरियल किलर!
वैशाली के एक बैंक में चोरी के प्रयास में पकड़ा गया युवक सीरियल किलर निकला। वह पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारा बना, फिर अपराध के दलदल में धंसता चला गया।
पटना [वेब डेस्क]। उसने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखा। फिर, देखते-देखते सीरियल किलर बन गया। बैंक में चोरी के प्रयास के दौरान पकड़े जाने पर जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पूरे फिल्मी अंदाज में कहा, ''पीटने में टाइम बर्बाद मत करो, गूगल पर 'सीरियल किलर अमित' सर्च करो, सबकुछ पता चल जाएगा।'' इसके बाद एक-एक कर उसके राज खुलते चले गए।
सीरियल किलर अविनाश कुमार उर्फ अमित का दावा है कि फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर 2' उसके चरित्र पर ही बनाया गया है। वह उस फिल्म का रीयल लाइफ नायक है। फिल्म में भी एक शख्स अपने पिता के हत्यारे को गोलियों से भून डालता है। उसने पुलिस को बताया है कि उसने भी अपने पिता व राजद के एमएलसी ललन श्रीवास्तव की 2002 में हत्या करने वाले पप्पू खान उर्फ मोइन खान की 32 गोलियां मारकर हत्या की थी।
पुलिस ने वैशाली के हरपुरबेलवा इलाके में सेंट्रल बैंक की शाखा के गेट का शटर काटते हुए रविवार रात उसे गिरफ्तार किया। अविनाश के तीन अन्य साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तारी के समय उसने पुलिस को कहा कि पूछने में अपना टाइम बर्बाद मत करो, गूगल पर 'साइको किलर अमित' टाइप करो, पूरी जानकारी मिल जाएगी।' जवाब सुनकर पुलिसकर्मी भौंचक रह गए। लेकिन, वह सच बोल रहा था।
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उसके अनुसार वह दिल्ली के प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया विवि से एमसीए करने के बाद इन्फोसिस में काम कर रहा था। ब्लू जींस और ब्लू शर्ट का शौकीन यह युवक पिता की हत्या के बाद टूट गया। इन्फोसिस की नौकरी छोड़ कर उसने हत्यारों को मौत के घाट उतारने की कसम खाई। फिर, एक बाद अपराध के दलदल में धंध तो धंसता चला गया। पुलिस के अनुसार अविनाश ने 20 हत्याओं में संलिप्तता स्वीकारी है।
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