यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार-बंगाल में सोशल मीडिया को हथियार बना पैठ बना रहा ISIS, जानिए
आतंकी संगठन आइएसआइएस बिहार व बंगाल के सीमाई इलाकों में अपनी पैठ बना रहा है। इसके लिए वह सोशल मीडिया ...और पढ़ें

पटना / कटिहार [जेएनएन]। भारत में अपनी पैठ बनाने की रणनीति बनाता आइएसआइएस अब सोशल मीडिया के सहारे बिहार व बंगाल के युवाओं को टारगेट कर रहा है। इन इलाकों में सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने व कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। इसमें आतंकी संगठन 'हूजी' व प्रतिबंधित 'सिमी' के स्लीपर सेल भी शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल के मालदा, उत्तरी दिनाजपुर एवं बिहार स्थित सीमांचल के जिलों में आतंकियों के बढ़ते प्रभाव का खुलासा गृह विभाग किया है। इस बाबत उसने खुफिया एजेंसियों को अलर्ट किया है।
आधा दर्जन संगठनों पर नजर
सीमावर्ती जिलों में सामाजिक कार्य की आड़ में खास वर्ग के लोगों के बीच कट्टरपंथ का प्रचार-प्रसार करने को लेकर आधा दर्जन संगठनों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। बांग्लादेश में आइएसआइएस की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्य मुख्यालय से स्पेशल ब्रांच ने इसे लेकर चौकसी बरतने का निर्देश दिया है।
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सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां सतर्क
बांग्लादेश से लगे सीमा क्षेत्र में आइएसआइएस दो संगठनों हूजी व सिमी के सहारे अपना नेटवर्क मजबूत करने की कवायद में है। बांग्लादेश में सक्रिय आइएसआइएस आतंकियों के भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसने की आशंका को देखते हुए नेपाल सीमा पर एसएसबी व बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को भी सतर्क किया गया है। खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया पर आने वाले पोस्ट पर भी पैनी नजर रख रही हैं।
