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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोवा में कांग्रेस की नहीं बनी सरकार, कांग्रेस और लालू ने ये कहा

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 14 Mar 2017 04:10 PM (IST)Updated: Tue, 14 Mar 2017 11:48 PM (IST)

गोवा और मणिपुर में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाने से बिहार के कांग्रेसी नेताओंं ने बीजेपी पर जमकर आरोप ...और पढ़ें

गोवा में कांग्रेस की नहीं बनी सरकार, कांग्रेस और लालू ने ये कहा
गोवा में कांग्रेस की नहीं बनी सरकार, कांग्रेस और लालू ने ये कहा

पटना [जेएनएन]। गोवा और मणिपुर में कांग्रेस की जीत के बाद भी सरकार बीजेपी के बनने पर बिहार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र  मिश्रा ने कहा है कि चोर दरवाजे से मनपसंद सीएम बनवा लेना राजनीतिक धोखाधड़ी है।

उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के गवर्नर को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिये। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने राजभवन को आरएसएस का कार्यालय बना दिया है।

वहीं लालू ने भी कहा है कि हालांकि, गोवा का जनाधार टूटा हुआ था लेकिन इस मौके का कांग्रेस लाभ नहीं उठा सकी। कांग्रेस न तो सरकार बनाने का दावा पेश कर सकी, न ही वो एक विधायक दल का नेता चुनने में सक्षम थे।

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उधर, गोवा में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बीच बैठक के दौरान तल्खी भरी बहस हुई। कांग्रेस विधायक इस बात से नाराज थे कि दिग्विजय सिंह जो कि गोवा कांग्रेस के इंचार्ज हैं उन्‍होंने छोटे दलों को साथ लेने में तेजी नहीं दिखाई। इसके चलते सरकार बनाने का मौका उनके हाथ से निकल गया।

कांग्रेस को गोवा विधानसभा चुनावों में 17 सीटें मिली थी। 40 सदस्‍यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 21 विधायक चाहिए होते हैं। इस तरह से कांग्रेस को केवल चार अन्‍य विधायकों के समर्थन की जरुरत थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई। 

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सरकार बनाने के दावे को लेकर कांग्रेस की सुस्‍ती का फायदा बीजेपी ने उठाया। उसने 13 सीटें होने के बावजूद महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी को साथ लेकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। साथ ही मनोहर पर्रीकर को मुख्‍यमंत्री पद का उम्मीदवार भी बना दिया।

पर्रीकर के नाम पर निर्दलीय विधायक भी भाजपा के साथ आ गए। इस तरह से भाजपा के पास 22 विधायकों का समर्थन हो गया। इस पर राज्‍यपाल मृदुला सिन्‍हा ने मनेाहर पर्रिकर को मुख्‍यमंत्री नियुक्‍त कर उन्‍हें 15 दिन के अंदर बहुमत साबित करने को कहा।