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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CM नीतीश का PM मोदी पर हमला- गंगा खोज रही, कहां गया मेरा बेटा

By Kajal KumariEdited By:
Published: Sat, 25 Feb 2017 11:33 AM (IST)Updated: Sun, 26 Feb 2017 08:49 PM (IST)

गंगा की अविरलता के लिए पटना में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पीएम मोदी कहते थे ...और पढ़ें

CM नीतीश का PM मोदी पर हमला- गंगा खोज रही, कहां गया मेरा बेटा
CM नीतीश का PM मोदी पर हमला- गंगा खोज रही, कहां गया मेरा बेटा

पटना [जेएनएन]। आज राजधानी के होटल मौर्य में गंगा की अविरलता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन किया गया है जिसका उद्धाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। उद्घाटन के बाद सम्मेलन को संबोधित करते हुए नीतीश ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला।

नीतीश ने कहा कि पीएम मोदी लोकसभा चुनाव के समय बार-बार कहते थे कि गंगा मैया ने बुलाया है, गंगा मैया ने बुलाया है, लेकिन अब तो गंगा मैया उन्हें ढूंढ रही हैं कि कहां है मेरा बेटा? अब वो एेसा क्यों नहीं कहते? नीतीश ने कहा कि गंगा की स्थिति को देखकर तो रोना आता है। नीतीश ने कहा कि मुझे फर्क नहीं पड़ता फरक्का रहे या टूटे लेकिन इस बारे में विशेषज्ञों की राय माननी चाहिये।

इस अवसर पर जलपुरूष राजेंद्र सिंह ने कहा कि फरक्का बराज की वजह से ही बिहार में हर साल बाढ़ आती है।उन्होंने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम केवल ठेकेदारों के फायदे के लिए बनाया गया है।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सभी अतिथियों ने गंगा की अविरलता स्मारिका का विमोचन किया। वहीं, गंगा की अविरलता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन में गंगा विशेषज्ञ वंदना शिवा ने कहा कि गंगा को बचाने के लिए बिहार से ही आ सकती है आवाज।

गंगा की अविरलता पर आयोजित सम्मलेन को संबोधित करते हुए गंगा विशेषज्ञ भरत झुनझुनवाला ने कहा कि केंद्र सरकार गाय के विषय को उठाती है लेकिन गंगा के विषय को नहीं उठाती।

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सीएम नीतीश ने भी फरक्का बराज को बंद करने की मांग की

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को यह कहते हुए केंद्र से फरक्का बैराज को बंद करने की जोरदार मांग की कि उसकी कोई उपयोगिता नहीं है और उसकी वजह से हर साल राज्य में बाढ़ आती है। उन्होंने इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग पर बक्सर और उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जलाशय का भी विरोध किया।

 

नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, 'हमने पिछली यूपीए सरकार से पश्चिम बंगाल में फरक्का बैराज को बंद करने की मांग की थी. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कहा है कि फरक्का बांध से गंगा नदी में भारी गाद जमा हो रहा है और यह बिहार में हर साल भारी बाढ़ की बड़ी वजह है।'

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उन्होंने अपनी दलील के पक्ष में कहा, 'कई विशेषज्ञों ने भी फरक्का बांध की हानियों की ओर संकेत किया है। इस बराज के निर्माण में शामिल रहे पश्चिम बंगाल के मूल अभियंता ने इसका विरेाध किया था और उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए बाध्य किया गया।' उन्होंने कहा कि, 'मैंने हर मंच पर फरक्का बैराज के विरुद्ध अपनी मांग रखी है क्योंकि यह गंगा नदी में गाद जमा कर रहा है और इस विशाल नदी के प्रवाह को प्रभावित भी कर रहा है।'

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