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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रिश्वत लेते गिरफ्तार IAS अधिकारी जितेंद्र गुप्ता भेजे गए जेल

By Kajal KumariEdited By:
Published: Wed, 13 Jul 2016 01:28 PM (IST)Updated: Wed, 13 Jul 2016 11:25 PM (IST)

बिहार प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों को डिमोट कर दिया गया है। इसमें से एक अफसर जितेंद्र गुप्ता को निगरानी ब्यूरो मुख्यालय लाया गया है।

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पटना [वेब डेस्क]। मोहनिया में अनुमंडलाधिकारी के रूप में तैनात और रिश्वत लेते निगरानी के हत्थे चढ़े आइएएस अधिकारी जितेंद्र गुप्ता जेल भेज दिए गए हैं। हिरासत में निगरानी ब्यूरो मुख्यालय लाए जाने के बाद दिन भर चले हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद बुधवार की देर रात निगरानी कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वे राज्य के पहले आइएएस अधिकारी हैं जिन्हें रिश्वत लेते दबोचा गया है।

आइएएस एसोसिएशन ने उनकी गिरफ्तारी पर कड़ा एतराज जताया, इसे लेकर लंबी जद्दोजहद चली लेकिन कोई दबाव काम नहीं आया। बताया गया है कि एसोसिएशन की इस मामले को लेकर आपात बैठक भी हुई। एसोसिएशन के सचिव विवेक सिंह और दीपक कुमार सिंह गिरफ्तार आइएएस की पत्नी के साथ निगरानी ब्यूरो के कार्यालय पहुंचे। उन्हें छोड़ने का दबाव बनाने की कोशिश हुई लेकिन बात नहीं बनी। अंततः देर रात को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

इससे पूर्व रिश्वत लेते दबोचे गए मोहनिया के एसडीओ जितेंद्र गुप्ता को निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय लाया गया था। उनके साथ उनके ड्राइवर और हाउस गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया था। निगरानी ब्यूरो के डीजी रविंद्र कुमार ने गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि गुप्ता के सरकारी आवास की तलाशी में उन चारों ट्रकों के जब्त कागजात बरामद हो गए हैं। इन कागजात की वापसी के लिए 80 हजार की घूस लेते एसडीओ पकड़े गए थे।

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कौन हैं गिरफ्तार जितेंद्र गुप्ता

बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया में निगरानी की टीम ने एक आइएएस अधिकारी जितेंद्र गुप्ता को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। गुप्ता 2013 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। वे अभी एसडीओ के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ कुछ ट्रांसपोर्टरों ने लिखित शिकायत की थी जिसके बाद निगरानी की टीम ने ये कार्रवाई की। आरोप है कि एसडीओ ने ओवरलोडेड ट्रकों को छोड़ने के एवज में पार्टी से डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी।

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