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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अभी हमरे ठीक नहीं, तोरा रेगुलर क्या करेंगे!'

By pradeep Kumar TiwariEdited By:
Published: Sun, 15 Feb 2015 08:36 PM (IST)Updated: Sun, 15 Feb 2015 08:39 PM (IST)

अपने पैतृक गांव महकार में रविवार को लोगों की समस्याओं को सुनने में मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रुचि तो ली, लेकिन आश्वासन देने से भरसक किनारा कर लिया।

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गया। अपने पैतृक गांव महकार में रविवार को लोगों की समस्याओं को सुनने में मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रुचि तो ली, लेकिन आश्वासन देने से भरसक किनारा कर लिया। रोजगार सेवकों के सवाल पर उन्होंने कहा कि 'अभी 20 तक हमरे ठीक नहीं है, तोरा रेगुलर क्या करेंगे!' रोजगार सेवक मुख्यमंत्री से मानदेय बढ़ोतरी एवं सेवा नियमित करने की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के निजी आवास पर आशा कार्यकर्ता, रोजगार सेवक, ग्राम कचहरी सचिव संघ, एनएम के अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविकाएं भी अपनी मांगें पूरी होने की उम्मीद लेकर आई थीं। आवेदनों पर उन्होंने अधिकारियों को यथोचित निर्देश दिए, हालांकि इस दौरान उनकी जबान से सियासी संकट का दर्द फूट पड़ा। मुख्यमंत्री बोले कि अभी 20 फरवरी तक देखिए क्या होता है! उसके बाद अगर हम रह गए तो समस्या का समाधान करेंगे।