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    कीव पर तेज हुए रूसी सेना के हमले, हर महीने 700 वर्ग किमी यूक्रेनी इलाके पर कब्जा कर रही पुतिन आर्मी

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 02:00 AM (IST)

    रूसी सेना ने यूक्रेन में अपनी प्रगति तेज कर दी है अब प्रति माह 600-700 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर रही है। रक्षा मंत्री बेलुसोव के अनुसार रूस ने इस वर्ष यूक्रेन के 146 महत्वपूर्ण ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है जिससे सैन्य-औद्योगिक क्षमता प्रभावित हुई है। इस बीच कीव पर हमलों में 23 लोगों की मौत हो गई

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    कीव पर तेज हुए रूसी सेना के हमले (फाइल)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूसी सेना ने यूक्रेन में आगे बढ़ने की अपनी गति को बढ़ाया है। वर्ष की शुरुआत में रूसी सेना प्रति माह यूक्रेन की 300-400 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर रही थी, अब कब्जे की गति बढ़कर 600-700 वर्ग किलोमीटर प्रति माह हो गई है। यह जानकारी रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलुसोव ने दी है।

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    रूसी रक्षा मंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय रूस के कब्जे में यूक्रेन की लगभग 20 प्रतिशत भूमि है और यह कब्जा बढ़ता जा रहा है। युद्ध खत्म करने के लिए रूस इस भूमि पर अपना कब्जा बरकरार रखने की शर्त लगाए हुए है और यूक्रेन अपनी सारी भूमि वापस चाहता है। इसी के चलते दोनों में युद्धविराम की सहमति नहीं बन रही है।

    यूक्रेन के 146 संवेदनशील ठिकानों को गंभीर नुकसान

    बेलुसोव ने बताया कि रूसी सेना ने इस वर्ष 35 बड़े हमलों में यूक्रेन के 146 संवेदनशील ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इनमें यूक्रेन के सैन्य ठिकाने, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकाने और औद्योगिक इकाइयां हैं। इन हमलों के चलते यूक्रेन के 62 प्रतिशत सैन्य-औद्योगिक ठिकानों का ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे उन इकाइयों की उत्पादन क्षमता कम हुई है।

    बेलुसोव ने बताया कि रूस अपनी ड्रोन क्षमता को और ज्यादा उन्नत करने के लिए कार्य कर रहे हैं। इस बीच कीव पर गुरुवार को हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, मृतकों में चार बच्चे हैं।

    पुतिन को आदमखोर कहने का कड़ा विरोध

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आदमखोर कहने पर रूस ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा है कि मैक्रों लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। वह सभ्यता की सीमा को पार कर अपमानित करने वाली निम्न स्तरीय टिप्पणियों पर उतर आए हैं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

    (समाचार एजेंसी रॉयटर के इनपुट के साथ)

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