यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM मोदी बोले, 'आतंकवाद पर दोहरे रवैये की जगह नहीं, BRICS देशों को साथ आकर इससे लड़ना होगा'
PM Modi Speech In BRICS Summit 2024 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को रूस के कजान एक्सपो सेंटर में 16वें ब्रिक्स ...और पढ़ें

HighLights
- पीएम मोदी ने कहा- साइबर सुरक्षा और सुरक्षित एआई पर करना होगा काम
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा - हमारा दृष्टिकोण जन-केंद्रित रहना चाहिए
- PM बोले- ब्रिक्स देशों को आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूती से सहयोग करना चाहिए
एजेंसी, कजान। रूस के कजान में 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (16th BRICS Summit 2024) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Speech In BRICS) ने कहा कि मैं 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रपति पुतिन (Russia President Vladimir Putin) को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं एक बार फिर ब्रिक्स से जुड़े नए साथियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। अपने नए स्वरूप में ब्रिक्स विश्व की 40% मानवता और लगभग 30% अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है। पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
.jpg)
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में यह संगठन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक प्रभावी माध्यम बनकर उभरेगा। मैं न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ को बधाई देता हूं। पिछले 10 वर्षों में यह बैंक ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहा है।
दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में GIFT सिटी के खुलने से इस बैंक को मजबूती मिली है। NDB को मांग-संचालित सिद्धांत पर काम करना जारी रखना चाहिए और बैंक का विस्तार करते समय दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता, स्वस्थ क्रेडिट रेटिंग और बाजार पहुंच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आर्थिक सहयोग को मिलेगा बल
16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बंद पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, इस वर्ष ब्रिक्स में डब्ल्यूटीओ सुधार, कृषि में व्यापार सुविधा, लचीलापन आपूर्ति श्रृंखला और ई-कॉमर्स और विशेष अर्थव्यवस्था क्षेत्र को लेकर जो सहमति बनेगी, उससे हमारे आर्थिक सहयोग को बल मिलेगा।'
डीप फेक जैसी नई चुनौतियां
- पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया युद्ध, संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितता और जलवायु परिवर्तन जैसी कई चुनौतियों से घिरी हुई है।
- दुनिया में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम विभाजन की बात हो रही है...और, तकनीक के युग में साइबर सुरक्षा, डीप फेक, दुष्प्रचार जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं।
- ऐसे में ब्रिक्स से काफी उम्मीदें हैं। मेरा मानना है कि एक विविध और समावेशी मंच के रूप में ब्रिक्स सभी मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। इस संदर्भ में हमारा दृष्टिकोण जन-केंद्रित रहना चाहिए।

आने वाली पीढ़ी के लिए करना होगा काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें दुनिया को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं बल्कि जनहित समूह है। हम युद्ध का नहीं, संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हैं। जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को हराया, उसी तरह हम आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इसी तरह हमें साइबर सुरक्षा और सुरक्षित एआई के लिए वैश्विक नियमों के लिए काम करना चाहिए।

आतंकवाद पर कसनी होगी नकेल
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी ब्रिक्स देशों को आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूती से सहयोग करना चाहिए। आतंकवाद और आतंकी वित्तपोषण से निपटने के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा और मजबूती से सहयोग करना होगा। ऐसे गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है। हमें अपने देशों के युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए। हमें संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन के लंबित मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा।
