इस्लामाबाद, एएनआइ। ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी जाहिदान में ईरान के सुरक्षा बलों और बलूच लोगों के बीच हिंसक झड़पों के बाद ईरानी सरकार ने पाकिस्तान के साथ गबद-रिमदान सीमा को बंद कर दिया है। डान की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी अधिकारियों ने कहा, गबद क्रासिंग को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। अबू धाबी के एक न्यूज पोर्टल द नेशनल न्यूज ने नार्वे के स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ के हवाले से कहा है कि पिछले सप्ताह जाहिदान शहर में विरोध प्रदर्शन में कम से कम 63 लोग मारे गए थे।

ईरानी बलों के कई कर्मी हुए थे हताहत

दो वरिष्ठ खुफिया कमांडरों सहित ईरानी सुरक्षा बल के कई कर्मी हताहत हुए थे। बंदरगाह शहर चाबहार (सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में) में पुलिस प्रमुख पर एक 15 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म का आरोप है। इसी के खिलाफ लोगों ने विरोध किया और हिंसक झड़प शुरू हो गई। ईरान का सबसे बड़े प्रांत के दो हिस्से हैं सिस्तान और बलूचिस्तान। यह प्रांत पाकिस्तान के बलूचिस्तान के बलूचिस्तान से लगी है।

यूक्रेन को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति

इस बीच पाकिस्‍तान का एक नया चेहरा सामने आया है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पाकिस्तान तटस्थता की नीति छोड़ चुका है और अब वह यूक्रेन को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है। यह कार्य तीसरे देश की कंपनियों के जरिये हो रहा है। यह जानकारी यूरोप की पत्रिका जियो-पोलिटिक ने दी है। पत्रिका ने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी कंपनी मैसर्स डीएमआइ एसोसिएट्स ने बुल्गारिया की कंपनी मैसर्स डिफेंस इंडस्ट्री ग्रुप के साथ हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति का समझौता किया है।

सैन्य साजो-सामान की यूक्रेन में आपूर्ति

बुल्गारिया की कंपनी बाद में पाकिस्तानी हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति यूक्रेन को कर देती है। इसी प्रकार से स्लोवाकिया की कंपनी मैसर्स केमिका पाकिस्तान की आर्डनेंस फैक्टि्रयों के उत्पादों की आपूर्ति करने वाली कंपनी मैसर्स केस्ट्राल के साथ समझौता कर सैन्य साजो-सामान की यूक्रेन में आपूर्ति कर रही है।

अशांत देशों में स्थिति को बिगाड़ने के लिए कुख्यात है मैसर्स केस्ट्राल

मैसर्स केस्ट्राल अशांत देशों में हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति करके वहां की स्थिति को बिगाड़ने के लिए कुख्यात है। कंपनी का सीईओ लियाकत अली बेग है। हथियारों के खरीद-फरोख्त में यूक्रेन की कंपनी मैसर्स फारमाग भी शामिल है। वह पाकिस्तानी कंपनी मैसर्स ब्लूलाइंस कार्गो प्राइवेट लिमिटेड के जरिये हथियारों की खरीद कर रही है और बाद में यूक्रेनी सेना को उनकी आपूर्ति कर रही है।

गोला-बारूद की यूक्रेन में आपूर्ति की सूचना

इसी के साथ पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस से भी ब्रिटिश मालवाही विमानों के जरिये हथियार और गोला-बारूद की यूक्रेन में आपूर्ति की सूचना है। पाकिस्तानी आर्डनेंस फैक्टि्रयां 122 एमएम और 150 एमएम के उच्च विनाशक क्षमता वाले गोलों का निर्माण करती हैं। इन गोलों में आरडीएक्स की मात्रा भी होती है। इन्हीं पाकिस्तानी गोलों की यूक्रेन में आपूर्ति हो रही है जो रूसी सेना पर कहर बरपा रहे हैं।

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Edited By: Krishna Bihari Singh

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