इस्लामाबाद, (आईएएनएस)। भारत ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अट्टा बंदियाल और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें रूस और चीन भी शामिल हैं। इसकी जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में दी गई है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि भारत वर्तमान में एससीओ की अध्यक्षता करता है जिसमें रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशियाई राज्य शामिल हैं।

एससीओ के अध्यक्ष के रूप में, नई दिल्ली कई कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिसमें सदस्य राज्यों के मुख्य न्यायाधीशों का एक सम्मेलन, विदेश मंत्रियों की बैठक और 2023 में एक शिखर सम्मेलन शामिल है। बता दें कि एससीओ के मुख्य न्यायाधीशों की बैठक मार्च में होनी है जबकि विदेश मंत्रियों की बैठक मई में होगी।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से पुष्टि की है कि भारत ने मुख्य न्यायाधीश और विदेश मंत्री के लिए पाकिस्तान के साथ निमंत्रण साझा किया है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मुख्य न्यायाधीश और विदेश मंत्री दोनों कार्यक्रमों में शामिल होंगे या पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी को नियुक्त करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अभी तक भारतीय आमंत्रण का जवाब नहीं दिया है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, चीन और रूस की उपस्थिति के कारण एससीओ एक महत्वपूर्ण मंच है, पाकिस्तान के इन आयोजनों से बाहर रहने की संभावना नहीं है।

पाकिस्तान और भारत दोनों को कुछ साल पहले प्रभावशाली संगठन के पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार किया गया था, क्योंकि उन्होंने अपने द्विपक्षीय विवादों के कारण एससीओ के काम को कमजोर नहीं करने का संकल्प लिया था। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में होने वाली है।

भारत ने पाकिस्तान के सामने रखी शर्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के द्विपक्षीय बतचीत की पेशकश करने के कुछ ही दिन बाद भारत ने गुरुवार को कहा कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसियों जैसे संबंध चाहता है, लेकिन इसके लिए आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण होना चाहिए।

शहबाज शरीफ ने सोमवार को दुबई स्थित अल अरबिया समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कश्मीर सहित विभिन्न 'ज्वलंत' मुद्दों के समाधान के लिए अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत की पेशकश की थी। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने यह (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की) टिप्पणी देखी है, लेकिन इसके बाद वहां के पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने कुछ और कहा। इसके कुछ दिनों पहले वहां के कुछ नेताओं ने भी टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसियों जैसे संबंध चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उपयुक्त माहौल होना चाहिए, जो आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त हो।

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Edited By: Versha Singh

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