Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    'पाकिस्तान को उखाड़ फेंको, हम भारत के साथ'; PAK से किसने लिखा जयशंकर को ओपन लेटर?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 12:00 PM (IST)

    बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारत का समर्थन करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के खतरनाक गठजोड़ का खुलास ...और पढ़ें

    Hero Image

    बलूच नेता ने भारत को दी पाकिस्तान की अंदरूनी जानकारी

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारत का सीधे तौर पर समर्थन किया है। मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लेकर पाकिस्तान से जुड़ी अंदरूनी जानकारी दी है। बलूच नेता ने अपने पत्र में पाकिस्तान और चीन के प्लान का भी खुलासा किया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भारत के लिए बलूचिस्तान से चिट्ठी

    मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र में दावा किया कि चीन आने वाले समय में पाकिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है। बलूच नेता ने इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच चल रही इस साझेदारी को भारत के लिए काफी खतरनाक बताया। बलूच नेता ने भारत के विदेश मंत्री को लिखा यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया।

    पाकिस्तान को उखाड़ फेंको

    मीर यार बलूच ने एस जयशंकर को लिखा कि 'बलूचिस्तान के लोग पिछले 79 सालों से आतंकवाद और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन को झेल रहे हैं।'

    बलूच नेता ने लिखा कि 'अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए, ताकि बलूचिस्तान के लोगों के लिए स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।'

    बलूचिस्तान में तैनात होगी चीनी सेना

    बलूच नेता ने यह भी लिखा कि 'बलूचिस्तान गणराज्य पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक गठबंधन को काफी खतरनाक मानता है। हम चेतावनी देते हैं कि चीन ने पाकिस्तान के सहयोग से चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को उसके अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।'

    मीर यार बलूच ने दावा किया कि 'यहां जब तक बलूच प्रतिरोध और रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया जाएगा और बलूच के लोगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब आने वाले समय में इस क्षेत्र में जल्द ही चीन की सेना देखने को मिल सकती है।'

    पाकिस्तान-चीन कर रहा आरोपों को खारिज

    देखा जाए तो पाकिस्तान और चीन ने सीपीईसी के तहत सैन्य विस्तार के ऐसे आरोपों को बार-बार खारिज किया है। चीन-पाकिस्तान का कहना है कि यह परियोजना आर्थिक प्रकृति के लिए है। हालांकि, भारत लगातार सीपीईसी का विरोध करता रहा है, यह कहते हुए कि यह जगह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर से होकर गुजरती है, जो सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करती है।

    यह भी पढ़ें- हमास को सपोर्ट करने वाला पाकिस्तान, गाजा अंतरराष्ट्रीय बल में हो रहा है शामिल; इस बात की है चिंता

    यह भी पढ़ें- कश्मीर में भारत के नए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से पाकिस्तान तिलमिलाया, बोला- हमें नहीं दी गई कोई सूचना