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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kabul: तालिबानी शासन में लड़कियों पर कहर, 80 स्कूली छात्राओं को दिया जहर, सभी अस्पताल में भर्ती

By AgencyEdited By: Shalini Kumari
Published: Mon, 05 Jun 2023 11:48 AM (IST)Updated: Mon, 05 Jun 2023 12:38 PM (IST)

Kabul News शिक्षा के प्रांतीय विभाग के निदेशक मोहम्मद रहमानी ने कहा कि संगचरक जिले में कक्षा 1 से 6 ...और पढ़ें

80 स्कूली छात्राओं को दिया गया जहर
80 स्कूली छात्राओं को दिया गया जहर

काबुल, एएनआई। अफगानिस्तान में एक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि लगभग 80 लड़कियों को स्कूलों में जहर दिया गया, जिसके बाद वे सभी अस्पताल में भर्ती हैं। खबरों के मुताबिक, ये घटनाएं उत्तर में सर-ए-पुल प्रांत में शनिवार और रविवार को हुईं।

कक्ष 1 से 6 तक की छात्राओं को दिया जहर

शिक्षा के प्रांतीय विभाग के निदेशक मोहम्मद रहमानी ने कहा कि संगचरक जिले में कक्षा 1 से 6 तक की छात्राओं को जहर दिया गया था। उन्होंने कहा कि नसवान-ए-कबोद आब स्कूल में 60 और नसवान-ए-फैजाबाद स्कूल में 17 और बच्चों को जहर दिया गया था।

अस्पताल में भर्ती छात्राएं

निदेशक ने कहा, "दोनों प्राथमिक स्कूल एक-दूसरे के करीब हैं और एक के बाद एक उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमने छात्रों को अस्पताल में भर्ती कर दिया और अब वे सभी ठीक हैं।"

विभाग की जांच चल रही है और शुरुआती पूछताछ से पता चलता है कि किसी ने आपसी मतभेद के कारण उन स्कूलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि लड़कियों को जहर कैसे दिया गया या उन्हें किस तरह की चोटें आई हैं।

तालिबानी शासन के बाद पहली बार हुआ ऐसा हादसा

ऐसा माना जाता है कि अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने और अफगान महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों और स्वतंत्रता पर कार्रवाई शुरू करने के बाद से इस तरह का हमला पहली बार हुआ है।

लड़कियों को विश्वविद्यालय सहित छठी कक्षा से आगे की शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और महिलाओं को अधिकांश नौकरियों और सार्वजनिक स्थानों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

ईरान में भी हो चुकी ऐसी घटना

इससे पहले नवंबर में पड़ोसी देश ईरान में भी ऐसी घटना हुआ है, जिसमें स्कूल जाने वाली कम उम्र की लड़कियों जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। हजारों छात्रों ने कहा कि वे इन घटनाओं में जहरीले धुएं से बीमार हो गए थे, लेकिन इस बारे में अब तक पता नहीं चल पाया है कि इसके पीछे कौन हो सकता है।