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    ईरान में 901 लोगों को हुई मौत की सजा, इनमें 31 महिलाएं भी शामिल; खामेनेई शासन पर लगा भय फैलाने का आरोप

    Updated: Tue, 07 Jan 2025 06:01 PM (IST)

    ईरान में हर साल फांसी के आंकड़े बढ़ रहे हैं। मृत्युदंड के माध्यम से अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने का आरोप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई पर लगता रहा है। पिछले साल यानी 2024 में ईरान में कुल 901 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। इनमें 31 महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे अधिक मौत की सजा नशीले पदार्थ से जुड़े मामलों में सुनाई गई है।

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    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई। ( फाइल फोटो )

    एएफपी, जेनेवा। ईरान में पिछले साल 901 लोगों को मौत की सजा दी गई है। इसका खुलासा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने किया है। पिछले साल दिसंबर महीने के सिर्फ एक हफ्ते में लगभग 40 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। संयुक्त राष्ट्र ने ईरान से तुरंत फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग की।

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    हर साल बढ़ रही फांसी पाने वालों की संख्या

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के प्रमुख वोल्कर तुर्क का कहना है कि ईरान में मौत की सजा पाने वाले लोगों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। यह बेहद परेशान करने वाली बात है। 2024 में ईरान में 901 लोगों को मौत की सजा दी गई। वोल्कर ने आगे कहा कि अब समय आ चुका है कि ईरान को इसे रोकना होगा।

    मानवाधिकार कार्यकर्ता चिंतित

    एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक ईरान चीन को छोड़कर बाकी अन्य देशों की तुलना में सलाना सबसे अधिक लोगों को मौत की सजा देता है। हालांकि विश्वसनीय आंकड़ों की कमी है। ईरान में हत्या, नशीले पदार्थों की तस्करी, दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान है। ईरान में मौत की सजा के बढ़ते चलन से मानवाधिकार कार्यकर्ता चिंतित हैं।

    इस मामले में हुई सबसे अधिक मौत की सजा

    संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के मुताबिक पिछले साल ईरान में दी गई फांसी के ज्यादातर मामले नशीली दवाओं से जुड़े थे। इसके अलावा 2022 के विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों को भी मौत की सजा दी गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर मृत्युदंड के माध्यम से ईरानी समाज में भय पैदा करने का आरोप लगाता है।

    31 महिलाओं को हुई फांसी

    ईरान में बड़ी तादाद में महिलाओं को भी फांसी की सजा सुनाई जाती है। नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि ईरान में 2024 में 31 महिलाओं को भी मौत की सजा सुनाई गई। यह संस्था ईरान में मृत्युदंडों के मामलों पर बारीकी से नजर रखती है।

    हम फांसी की सजा का विरोध करते हैं: वोल्कर

    वोल्कर तुर्क ने कहा कि हम सभी परिस्थितियों में मृत्युदंड का विरोध करते हैं। यह जीवन के मौलिक अधिकार के साथ असंगत है। इसके अलावा निर्दोष लोगों को फांसी देने के जोखिम को भी बढ़ाता है। संयुक्त राष्ट्र ने ईरानी अधिकारियों से फांसी की सजा देने पर रोक लगाने की अपील की।

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