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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Earthquake in Tibet: तिब्बत में एक के बाद एक भूकंप के कई झटके, इमारतें धराशायी होने से अब तक 95 लोगों की मौत

Published: Tue, 07 Jan 2025 10:45 AM (IST)Updated: Tue, 07 Jan 2025 02:07 PM (IST)

तिब्बत में आज सुबह आए भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। तिब्बत की कई इमारतें भूकंप के झटकों के ढह ...और पढ़ें

भूकंप से जानमाल का भारी नुकसान (फोटो: एपी)
भूकंप से जानमाल का भारी नुकसान (फोटो: एपी)

HighLights

  1. चीन से लेकर भारत तक डोली धरती
  2. तिब्बत के इलाके में था भूकंप का केेद्र
  3. नेपाल में घरों से बाहर भागे लोग

पीटीआई, बीजिंग। मंगलवार को तिब्बत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई है। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अब तक 95 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, वहीं करीब 130 लोग घायल हैं।

मंगलवार सुबह करीब 9:05 बजे तिब्बत के डिंगरी काउंटी इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 28.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.45 डिग्री पूर्वी देशांतर पर पाया गया। यह जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।

नेपाल में भी महसूस हुए झटके

(फोटो: एएफपी)

नेपाल में भी महसूस हुए झटके

  • भूकंप के झटके नेपाल में भी महसूस किए गए। लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर की तरफ भागे। नेपाल के कई जिलों में लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। काठमांडू के लोग काफी दहशत में आ गए। सड़क पर बिजली के खंभे और पेड़ हिलते हुए देखे गए।
  • यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, सुबह 7 बजे के लगभग 4 से 5 तीव्रता के 6 से अधिक झटके आए। इन भूकंप के झटकों ने 2015 में नेपाल में आए भूकंप की याद ताजा कर दी, जिसमें करीब 9000 लोगों की मौत हुई थी।

भारत में भी दिखा असर

भूकंप का असर भारत में भी देखा गया। बिहार, असम, बंगाल और सिक्किम में भी धरती डोली। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मोतिहारी, बेगूसराय, मुंगेर, शिवहर और सारण में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

बंगाल के मालदा और कुछ और इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। तिब्बत में रुक-रुककर भूकंप के झटके आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि मैं शौचालय में था, मैंने देखा कि दरवाजा हिल रहा था। भूकंप महसूस होते ही मैं जल्दी से नीचे खुली जगह पर आ गया। मेरी मां भी डर गई थी।

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