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    15 महीने बाद गाजा युद्ध होगा बंद, इजरायल-हमास के बीच हुआ समझौता; जश्न मना रहे फलस्तीनी

    By Agency Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Thu, 16 Jan 2025 06:47 AM (IST)

    15 माह से जारी इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में जारी युद्ध के अब समाप्त होने को लेकर समझौता हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन एवं निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि की है। इस बीच कतर के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह समझौता 19 जनवरी से लागू होगा। समझौते के विवरण की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

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    15 महीने बाद गाजा में युद्ध होगा बंद, इजरायल-हमास के बीच हुआ समझौता (फोटो- रॉयटर)

    रॉयटर, दोहा। इजरायल और हमास के बीच पिछले लगभग 15 महीनों से गाजा में जारी युद्ध समाप्त करने के लिए चरणबद्ध समझौता हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन एवं निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि की है। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते का उपयोग वह अब्राहम समझौते को विस्तार देने के लिए करेंगे। अब्राहम समझौता ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान किया गया था।

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    अमेरिका समर्थित इस समझौते के कारण कई अरब देशों के साथ इजरायल के संबंध सामान्य हुए थे। इस बीच कतर के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह समझौता 19 जनवरी से लागू होगा। 

    इजरायल और हमास के बीच सीजफायर समझौता होते ही गाजा के लोग सड़कों पर उतर आए और सड़कों पर जश्न मनाने लगे।

    33 इजरायली बंधकों को रिहा किया जाएगा

    समझौते के विवरण की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती चरण में छह हफ्ते का प्रारंभिक युद्धविराम होगा जिसमें गाजा पट्टी से इजरायली सेना की धीरे-धीरे वापसी, हमास के कब्जे से इजरायली बंधकों की रिहाई और इजरायल की कैद से फलस्तीनी कैदियों की रिहाई शामिल है।

    इस चरण में 33 इजरायली बंधकों को रिहा किया जाएगा जिनमें सभी महिलाएं, बच्चे और 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष हैं। दूसरे चरण को लागू करने के लिए पहले चरण के 16वें दिन वार्ता शुरू होगी और इसमें सैनिकों समेत सभी बाकी बंधकों की रिहाई, स्थायी युद्ध विराम और गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी शामिल होने की संभावना है।

    गाजा कभी आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बने

    तीसरे चरण में सभी बाकी शवों को लौटाने और मिस्त्र, कतर व संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में गाजा का पुनर्निर्माण शुरू करने की बात हो सकती है।यह समझौता महीनों तक मिस्त्र एवं कतर की मध्यस्थता और अमेरिका के समर्थन के कारण संभव हो सका है जो निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से महज चार दिन पहले हुआ है। ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से रोमांचित हैं कि अमेरिकी और इजरायली बंधक घर लौट आएंगे।

    उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस समझौते के साथ मेरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम, मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकाफ के प्रयासों से इजरायल और हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गाजा फिर कभी आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बने।

    गाजा पट्टी में लगभग 90 प्रतिशत लोग विस्थापित

    गौरतलब है कि इस युद्ध में अब तक 23 लाख की आबादी वाली गाजा पट्टी में लगभग 90 प्रतिशत लोग विस्थापित हो चुके हैं और 46 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस समझौते से पश्चिम एशिया में तनाव और इजरायल व ईरान के बीच युद्ध की आशंका कम हो सकती है। उधर, इजरायल के विदेश मंत्री गाइडोन सार ने कहा कि वह अपनी यूरोप यात्रा को बीच में छोड़कर लौट रहे हैं ताकि वह सिक्यूरिटी कैबिनेट में हिस्सा ले सकें और समझौते पर होने वाले मतदान में भी भाग ले सकें। इसका मतलब है कि इजरायल में इस पर मतदान गुरुवार को होगा।

    ट्रंप ने दी थी चेतावनी

    डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले हमास को चेतावनी दी थी कि वह उनके शपथ ग्रहण करने से पहले युद्धविराम समझौते को अंतिम रूप दे और इजरायली बंधकों को रिहा करे। ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। ट्रंप का कहना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमास को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकाफ ने समझौते को तेजी से अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन की टीम के साथ मिलकर काम किया था।

    अभी भी कई चुनौतियां

    समझौता लागू होने के बाद भी दोनों पक्षों के सामने कई चुनौतियां होंगी। मसलन इजरायल को सुरक्षा की गारंटी चाहिए होगी तो गाजा में पुनर्निर्माण के लिए भारी भरकम धनराशि की आवश्यकता होगी। एक अनुत्तरित सवाल यह है कि युद्ध के बाद गाजा पर शासन कौन करेगा क्योंकि इजरायल गाजा के शासन में हमास की किसी भी संलिप्तता को स्वीकार करने से इन्कार कर चुका है।

    इजरायल पर था काफी दबाव

    इस समझौते से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति इजरायली जनता की नाराजगी कुछ कम होगी क्योंकि उन पर लगातार बंधकों की रिहाई का दबाव पड़ रहा था। इसके अलावा इजरायल पर उसके सहयोगी अमेरिका समेत भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव भी था। इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस ने भी इजरायली कार्रवाई को नरसंहार बताया था और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नेतन्याहू के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

    हमास ने 2023 में किया था हमला

    सात अक्टूबर, 2023 को हमास के बंदूकधारियों ने इजरायल के सीमावर्ती इलाकों में हमले किए थे और लगभग 1,200 सैनिकों व नागरिकों की हत्या कर दी थी। साथ ही 250 से अधिक विदेशियों व इजरायली का अपहरण कर लिया था। इनमें से 100 से अधिक बंधकों को पिछले एक हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम में हमास ने रिहा कर दिया था।

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    ताजा हमले में 62 मरे

    युद्धविराम समझौते की खबरों के बीच इजरायल ने बुधवार को भी गाजा पर हमले जारी रखे जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान 62 लोगों की मौत हो गई।