यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nancy Taiwan Visit: नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से ड्रैगन को मिलेगा बड़ा मौका और होगा फायदा तो ताइपे उठाएगा नुकसान, एक्सपर्ट व्यू
नैंसी के दौरे पर जमीन से आसमान तक की अमेरिकी चौकसी पर लू ने कहा कि निश्चित तौर पर ये ...और पढ़ें

नई दिल्ली (आनलाइन डेस्क)। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी (US House of Representative Speaker Nancy Pelosi) आखिरकार ताइवान के दौरे (Nancy Pelosi Taiwan Visit) पर जा रही हैं। उनके इस दौरे ने चीन की नींद उड़ा कर रख दी है। अमेरिका और चीन (Tension between US-China on Taiwan) दोनों ही एक दूसरे को आग से न खेलने और देख लेने की धमकी भी दे रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने तो प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यहां तक कह दिया है कि यदि नैंसी में हिम्मत है तो वो ताइवान जाकर दिखाएं, फिर देखते हैं। इसको लेकर दोनों ही तरफ तनाव अपने चरम पर है। लेकिन इसमें एक सवाल बेहद अहम है कि चीन के रणनीतिक और कूटनीतिक विश्लेषक इस बारे में क्या सोच रहे हैं।
नैंसी दौरे पर क्या है चीन के एक्सपर्ट की राय
इस बार में चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने चाइनीज अकादमी आफ सोशल साइंस में अमेरिकी स्टडीज के एक्सपर्ट नू शियांग का कहना है कि चीन ने अमेरिका को इस बाबत अपना साफ संकेत दे दिया है कि यदि नैंसी ताइवान जाएंगी तो वो एक्शन ले सकता है, फिर चाहे ये नैंसी का निजी दौरा ही क्यों न हो। उनके मुताबिक नैंसी का वहां पर जाना ये बताता है कि अमेरिका ने अपने वादे को तोड़ा है।
निजी दौरे पर नहीं है नैंसी
नैंसी के दौरे पर जमीन से आसमान तक की अमेरिकी चौकसी पर लू ने कहा कि निश्चित तौर पर ये दौरा उनका निजी दौरा नहीं है। ऐसा होता तो अमेरिका उनकी सुरक्षा के लिए समुद्र से आकाश तक चौकसी नहीं करता है। इसके लिए बाइडन प्रशासन ने ही नैंसी को इजाजत दी है। इसलिए ही ये सब तामझाम किया गया है। उनके मुताबिक यही वजह है कि इस दौरे पर चीन का टार्गेट केवल पेलोसी नहींं हैं बल्कि बाइडन प्रशासन भी है। इसका परिणाम उन्हें भी भुगतना होगा।
खराब होंगे अमेरिका-चीन संबंध
लू का कहना है कि नैंसी का ये दौरा अमेरिका और चीन संबंधों में और अधिक तनाव पैदा कर देगा और इसके चलते अन्य कई मामलों पर भी फर्क पड़ेगा। लू ने ये भी कहा कि अमेरिका का ये फैसला Hawk and Chicken गेम खेलने से कहीं अधिक है। नैंसी के इस दौरे से ताइवान स्ट्रेट पर भी फर्क पड़ना तय है। इस दौरे से ताइवान को चीन की मुख्य भूमि से मिलाने की प्रक्रिया और अधिक तेज हो जाएगी। ये नैंसी के ताइवान दौरे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होगा।
बड़े देशों को दरकिनार करना बेवकूफी
लू का कहना है कि यदि अमेरिका को ऐसा लगता है कि नैंसी के ताइवान दौरे से दोनों देशों के संबंध मजबूत हो जाएंगे और वे करीब आ जाएंगे, तो वो ऐसा गलत सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को न तो चीन को इस मामले में कमजोर समझना चाहिए और न ही रूस को यूक्रेन के मामले में कम समझना चाहिए। चीनी एक्सपर्ट ने दावा किया कि यूक्रेन-रूस विवाद ने ये बता दिया है कि दुनिया के किसी बड़े और ताकतवर देश को दरकिनार करने का नतीजा क्या होता है। चीन भी ताइवान को अपने में मिलाकर अमेरिका की दुनिया पर दादागिरी को खत्म कर देगा।
