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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

China America on Spy Balloon: चीन और अमेरिका की वार्ता टली, Spy Balloon का मामला बना वजह

By Versha SinghEdited By: Versha Singh
Published: Fri, 10 Feb 2023 08:12 AM (GMT+05:30)

चीन द्वारा अमेरिका में जासूसी गुब्बारा भेजा गया था जिसे अमेरिका की एक मिसाइल ने मार गिराया था। इस मामले ...और पढ़ें

जासूसी गुब्बारे के मामले के कारण चीन और अमेरिका की वार्ता टली
जासूसी गुब्बारे के मामले के कारण चीन और अमेरिका की वार्ता टली

बीजिंग, एजेंसी। अमेरिका के हवाई क्षेत्र में चीन के कथित जासूसी गुब्बारे के दिखाई देने के बाद से चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। चीन द्वारा भेजे गए जासूसी गुब्बारे को अमेरिका की एक मिसाइल ने मार गिराया था जिसके बाद अब चीन ने अमेरिका से उसके मलबे की वापसी की मांग की है। वहीं, इस मामले के चलते चीन ने अमेरिका के फोन कॉल को ठुकरा दिया है।

चीन ने अमेरिकी फोन कॉल को ठुकराया

चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तान केफेई ने कहा कि अमेरिका ने हमारे साथ फोन कॉल करने का अनुरोध किया था, लेकिन हमले अस्वीकार कर  दिया क्योंकि अमेरिकी पक्ष ने उस फोन कॉल के लिए सही वातावरण नहीं बनाया।

गुब्बारे को मार गिराना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन

चीन ने कहा कि मानव रहित हवाई गुब्बारे को मार गिराना अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन था, जिससे यूएस ने एक बुरी मिसाल कायम की है।

बता दें कि अटलांटिक महासागर के ऊपर अमेरिकी सेना द्वारा मार गिराया गया संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारा सिग्नल खुफिया संग्रह संचालन करने में सक्षम था।

अधिकारी ने बताया कि चीनी गुब्बारा "पांच महाद्वीपों में 40 से अधिक देशों" में उड़ गया था।

चीनी गुब्बारा इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तकनीक से कर रहा था काम

अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने निर्धारित किया है कि चीनी गुब्बारा अमेरिकी संचार की निगरानी करने में सक्षम इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तकनीक से काम कर रहा था।

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सिग्नल इंटेलिजेंस का अर्थ है वह सूचना जो संचार और रडार जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से एकत्र की जाती है।

सीएनएन ने अधिकारी के हवाले से कहा, हम जानते हैं कि पीआरसी ने इन गुब्बारों का इस्तेमाल निगरानी के लिए किया था।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि गुब्बारा चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से जुड़े एक निर्माता के साथ "निगरानी अभियान" करने के लिए विकसित चीनी बेड़े का हिस्सा था।

चीन कर रहा कानून का उल्लंघन

अधिकारी ने सुझाव दिया कि अमेरिका की नजर अमेरिकी हवाई क्षेत्र में गुब्बारे की उपस्थिति के लिए प्रतिबंधों पर है जिसे प्रशासन ने बार-बार अमेरिकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है।

अधिकारी ने कहा कि गुब्बारों के उपकरण स्पष्ट रूप से खुफिया निगरानी के लिए थे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, गुब्बारे में कई एंटेना थे, जिसमें संचार को इकट्ठा करने और भू-पता लगाने के लिए एक सरणी शामिल थी।

गुब्बारे की वजह से दोनों देश आमने-सामने

दरअसल, जो बाइडन ने जासूसी गुब्बारा कांड को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ी तनाव को कम करने की कोशिश की है। जो बाइडन से सवाल पूछा गया कि क्या इस घटना के बाद अमेरिका और चीन के रिश्तों में और अधिक दरार पैदा हो गई है तो जो बाइडन ने जवाब में न कहा।

चीन का कहना है कि गुब्बारा केवल मौसम अनुसंधान कर रहा था लेकिन पेंटागन ने इसे एक उच्च तकनीक वाला जासूसी ऑपरेशन बताया। बता दें कि गुब्बारा अधिकांश हवाई जहाजों की तुलना में कहीं अधिक ऊंचाई पर उड़ता रहा और एक संवेदनशील अमेरिकी सैन्य स्थल को पार कर गया था।

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