जो बाइडन अचानक कैसे पहुंचे कीव, पढ़ें अमेरिकी राष्ट्रपति के यूक्रेन दौरे की इनसाइड स्टोरी
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। बाइडन की यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपित की यह यात्रा कैसे सीक्रेट रही आइए जानते हैं...
वाशिंगटन, एएफपी। सोमवार को दुनिया उस समय आश्चर्यचकित रह गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंच गए। कीव पहुंचे बाइडन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को आश्वस्त किया कि अमेरिका उनके साथ है और आने वाले समय में रूसी सेना का मुकाबला करने के लिए उन्हें और हथियार दिए जाएंगे। बाइडन की यह यात्रा कैसे शुरू हुई और इसे कैसे सीक्रेट रखा गया, आइए जानते हैं...
आधी रात में शुरू हुई यात्रा
कीव के लिए बाइडन की यात्रा वाशिंगटन के बाहर एक सैन्य हवाई अड्डे हैंगर में आधी रात में शुरू हुई। रविवार सुबह 4 बजे वे वायुसेना बोइंग 757 में सवार हुए, जिसे सी-32 के रूप में जाना जाता है। इसे उस जगह से काफी दूर पार्क किया गया था, जहां आमतौर पर बाइडन आमतौर पर विमान में सवार होते थे।
VIDEO: US President Joe Biden visits the Heavenly Hundred Memorial in Kyiv with President Volodymyr Zelensky during his surprise visit to Ukraine's capital pic.twitter.com/ibdWxZM4dN
— AFP News Agency (@AFP) February 21, 2023
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बाइडन के साथ यूक्रेन कौन-कौन गया?
पंद्रह मिनट बाद बाइडन कुछ मुट्ठी भर सुरक्षाकर्मी, एक छोटी सी मेडिकल टीम, करीबी सलाहकार और गोपनीयता की शपथ लेने वाले दो पत्रकारों के साथ यूक्रेन के लिए रवाना हो गए। प्रेस के सदस्य बाइडन के साथ हमेशा रहते हैं, जहां वे जाते हैं- फिर चाहे वह चर्च हो या अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन।
पत्रकारों के फोन किए गए जब्त
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टर, सबरीना सिद्दीकी ने खुलासा किया कि उन्हें और फोटोग्राफर को सुबह 2:15 बजे वाशिंगटन के बाहर ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में बुलाया गया था। यहां उनके फोन जब्त कर लिए गए। जब तक बाइडन लगभग 24 घंटे बाद यूक्रेन की राजधानी में नहीं पहुंचे, तब तक उन्हें फोन वापस नहीं किया गया।
विमान ने ईंधन भरने के लिए वाशिंगटन से रामस्टीन, जर्मनी में अमेरिकी सैन्य अड्डे तक लगभग सात घंटे तक उड़ान भरी। यहां भी विंडो शेड नीचे ही रहे और बाइडन प्लेन से बाहर नहीं निकले। यहां से अगली उड़ान पोलैंड के लिए थी, जो रेज़्ज़ो-जैसियोंका हवाई अड्डे पर उतरी।
यह एक पोलिश हवाई अड्डा हो सकता है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद से यह अरबों डॉलर के हथियारों और गोला-बारूद को फ़नल करने वाले यूक्रेनियन को हथियार देने के अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रयासों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी बन गया है। इस समय तक भी सिद्दीकी और फोटोग्राफर, एसोसिएटेड प्रेस 'इवान वुची, ने बाइडन को नहीं देखा था। इसके बाद, हवाईअड्डे पर या जब वे एसयूवी के काफिले में घुसे तो भी उन्होंने बाइडन को नहीं देखा।
ट्रेन से यूक्रेन पहुंचे बाइडन
बाइडन के साथ यात्रा करने वाले रिपोर्टर अक्सर मोटरसाइकिलों में जाते हैं, लेकिन इस बार काफी कुछ अलग था। न ही कोई सायरन बजा और न ही यह घोषणा की गई कि अमेरिकी राष्ट्रपति यूक्रेनी सीमा के पास पोलिश ट्रेन स्टेशन प्रेज़ेमिस्ल ग्लोनी जा रहे हैं। स्थानीय समयानुसार रात के 9:15 बजे पत्रकारों को ट्रेन में सवार होने के लिए कहा गया। ट्रेन में लगभग आठ कारें थीं। इसमें सवार अधिकांश लोग 'भारी सुरक्षा' वाले थे।
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उगते सूरज के साथ कीव पहुंची ट्रेन
यूक्रेन में बाइडन की 10 घंटे की यह यात्रा एक आधुनिक अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई किसी भी यात्रा के विपरीत थी। वे एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में गए थे, जहां अफगानिस्तान या इराक में राष्ट्रपति के दौरे के विपरीत अमेरिकी सैनिक सुरक्षा प्रदान करने वाले नहीं थे। ट्रेन उगते सूरज के साथ कीव पहुंच गई।
बाइडन ने आखिरी बार यूक्रेन की राजधानी का दौरा तब किया था, जब वे बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे। वे लगभग सुबह 8:07 बजे कीव उतरे। उन्होंंने कहा कि कीव में वापस आना अच्छा है।
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