वेनेजुएला के तेल भंडार पर अब अमेरिका का कंट्रोल, ट्रंप के 'मास्टरस्ट्रोक' ने कैसे कर दिया खेल?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि वेनेजुएला संचालन फिलहाल अमेरिका करेगा। अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को पुनर्जीवित करने ...और पढ़ें

वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिका का नियंत्रण (फाइल फोटो)
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर कर दिया गया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप ने कहा कि फिलहाल वेनेजुएला का संचालन अमेरिका करेगा।
राष्ट्रपित ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां देश के क्षतिग्रस्त तेल उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी। इससे वेनेजुएला दुनिया का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बन सकता है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के अनुसार, वेनेजुएला के पास 303 अरब बैरल कच्चे तेल का विशाल भंडार है। यह दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। कच्चे तेल का यह भंडार यहां के अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अमेरिकी तेल कंपनियां जाएंगी वेनेजुएला
ट्रंप ने मार-ए-लागो में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि हम अपनी बहुत बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों को जो दुनिया में कहीं भी सबसे बड़ी हैं, उसे वेनेजुएला भेंजेगे। यह तेल कंपनियां यहां अरबों डॉलर खर्च करेंगी और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे, तेल के बुनियादी ढांचे की मरम्मत करेंगी और अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला सरकार का संचालन करेगा।
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घट सकती हैं तेल की कीमतें
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका के नेतृत्व में किए गए सुधारों से वेनेजुएला तेल का एक बहुत बड़ा आपूर्तिकर्ता बन सकता है। यह पश्चिमी तेल कंपनियों के लिए अवसर पैदा कर सकता है और उत्पादन का एक नया स्रोत बन सकता है। इससे तेल की कीमतें घट सकती हैं। हालांकि, कम कीमतें कुछ अमेरिकी कंपनियों को तेल उत्पादन से हतोत्साहित कर सकती हैं।
बहाली करने में लग सकता है लंबा समय
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय संपर्क पूरी तरह से बहाल भी हो जाए, तो भी वेनेजुएला में तेल उत्पादन को पूरी तरह से बहाल करने में सालों लग सकते हैं। इसके लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ेगी।
वेनेजुएला की सरकारी तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी पीडीवीएसए का कहना है कि उसकी पाइपलाइनों को 50 सालों से अपडेट नहीं किया गया है। बुनियादी ढांचे को अपडेट करके उत्पादन के उच्चतम स्तर पर वापस लाने में करीब 58 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
प्राइस फ्यूचर्स ग्रुप के विशेषज्ञ फिल फ्लिन ने कहा कि यह तेल के लिए, यह एक ऐतिहासिक घटना साबित हो सकती है। मादुरो शासन और (वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति) ह्यूगो चावेज ने वेनेजुएला के तेल उद्योग को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था।
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वेनेजुएला के पास तेल का सबसे बड़ा भंडार
बता दें कि वेनेजुएला में पृथ्वी पर तेल का सबसे बड़ा भंडार है। इसकी लेकिन इसकी क्षमता इसके वास्तविक उत्पादन से कहीं अधिक है। वेनेजुएला प्रतिदिन मात्र 1 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है। यह वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन का लगभग 0.8% है।
मादुरो के सत्ता में आने के बाद कम हुआ तेल उत्पानद
2013 में मादुरो के सत्ता में आने के बाद से यहां तेल प्रतिदिन तेल का उत्पादन आधे से भी कम हो गया। वेनेजुएला सरकार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और गंभीर आर्थिक संकट ने देश के तेल उद्योग के पतन में योगदान दिया, लेकिन ईआईए के अनुसार, निवेश और रखरखाव की कमी भी इसका एक कारण थी। वेनेजुएला में वर्षों से तेल उत्पादन क्षमता में भारी गिरावट आई है।
वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण अमेरिका के लिए फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि वेनेजुएला बिल्कुल पास में है और इसका तेल सस्ता है। फ्लिन के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी तेल को संसाधित करने के लिए बनाई गई थीं। यह कंपनियां अमेरिकी तेल की तुलना में वेनेजुएला के तेल का उपयोग करते समय कहीं अधिक कुशल हैं।
फ्लिन ने कहा कि अगर यह सबकुछ सही रहा तो अमेरिका के लिए शानदार मौका लग रहा है। अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के तेल उद्योग को फिर से खड़ा करने की अनुमति मिल जाती है, तो यह वैश्विक तेल बाजार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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