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    Salman Rushdie: हमले के बाद सलमान रुश्दी की एक आंख की रोशनी गई, एक हाथ भी नहीं कर रहा काम, एजेंट ने की पुष्टि

    By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Mon, 24 Oct 2022 06:08 AM (IST)

    न्यूयार्क में अगस्त में एक साहित्यिक कार्यक्रम में घायल हुए सलमान रुश्दी की एक आंख की रोशनी चली गई थी और उनका एक हाथ काम करना बंद कर दिया था। हमले में वह किस हद तक घायल हुए थे इस बात की जानकारी उनके एजेंट ने दी है।

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    हमले के बाद सलमान रुश्दी की एक आंख की रोशनी चली गई, एजेंट ने की पुष्टि।

    न्यूयार्क, रायटर्स। न्यूयार्क में अगस्त में एक साहित्यिक कार्यक्रम में घायल हुए सलमान रुश्दी की एक आंख की रोशनी चली गई थी और उनका एक हाथ काम करना बंद कर दिया था। करीब दो महीने पहले सलमान रुश्दी पर कार्यक्रम में हमले के बाद वह किस हद तक घायल हुए थे, इस बात की जानकारी उनके एजेंट ने दी है। सलमान रुश्दी के एजेंट एंड्रयू वाइली ने स्पेनिश समाचार पत्र एल पेस के साथ एक इंटरव्यू में रुश्दी पर हुए घातक हमले और उनकी चोट के बारे में जानकारी दी।

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    सलमान रुश्दी ने खोए एक हाथ और एक आंख

    वाइली ने सलमान रुश्दी के घावों को गहरा बताया है और कहा कि उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। उन्होंने कहा कि लेखक के गले में तीन गंभीर घाव थे। साथ ही उनका एक हाथ भी काम करना बंद कर दिया है। हमले में हाथ की नसें कट गई, जिस कारण से एक हाथ काम नहीं कर रहा है। इसके अलावा सलमान रुश्दी के सीने और उसके सीने और धड़ में करीब 15 जगह घाव है।

    सलमान रुश्दी पर अगस्त में हुआ था हमला

    हालांकि एजेंट ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि सलमान रुश्दी दो महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती थे। बता दें कि अगस्त में सलमान रुश्दी पर एक साहित्यिक कार्यक्रम में हमला हुआ था, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें घायल स्थिति में अस्पताल ले जाया गया था। हमले के दौरान, उनके हाथ, सीने और आंख पर ज्यादा चोटे आई थी।

    ईरान ने रुश्दी के खिलाफ जारी किया था फतवा

    बता दें कि 75 साल के सलमान रुश्दी के खिलाफ 80 के दशक में ईरान के सर्वोच्च नेता ने फतवा जारी किया था। ईरान के नेता ने मुसलमानों से सलमान रुश्दी को जान से मारने का आह्वान किया था, जिसके करीब 33 साल बाद उनपर जानलेवा हमला हुआ। सलमान रुश्दी के विवादस्पद उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेज' के प्रकाशित होने के बाद उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था। हमले के बाद, पुलिस ने कहा था कि न्यू जर्सी के एक 24 वर्षीय व्यक्ति ने लेखक पर चाकू से हमला किया था।

    सलमान रुश्दी के उपन्यास में कथिततौर पर पैगंबर मुहम्मद के बारे में ईशनिंदा की बात है। मालूम हो कि सलमान रुश्दी का जन्म भारत में एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था।

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