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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pahalgam Attack: अमेरिका ने पाकिस्तानी गुट TRF को आतंकी संगठन घोषित किया, इसी ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Fri, 18 Jul 2025 04:33 AM (IST)Updated: Fri, 18 Jul 2025 07:00 AM (IST)

अमेरिका ने शुक्रवार को पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के संगठन टीआरएफ (TRF) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। टीआरएफ ने 22 ...और पढ़ें

अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के संगठन TRF को आतंकवादी संगठन किया घोषित (फाइल फोटो)
अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के संगठन TRF को आतंकवादी संगठन किया घोषित (फाइल फोटो)

HighLights

  1. टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी शाखा माना जाता है
  2. लश्कर-ए-तैयबा 26/11 मुंबई पर तीन आतंकी हमले भी शामिल था
  3. पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ था भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध

 रॉयटर, वाशिंगटन। अमेरिका ने शुक्रवार को पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के संगठन टीआरएफ (TRF) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। टीआरएफ ने 22 अप्रैल के पहलगाम नरसंहार की जिम्मेदारी ली थी। अमेरिकी विदेश विभाग ने टीआरएफ को एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (एफटीओ) और एक विशेष रूप से नामित 'वैश्विक आतंकवादी' (एसडीजीटी) घोषित किया।

टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी शाखा

द रेजिस्टेंस फ्रंट को कश्मीर रेजिस्टेंस के नाम से भी जाना जाता है जो लश्कर-ए-तैयबा की शाखा माने जाते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी समूह पर भारत और पश्चिमी देशों में हमलों की साजिश रचने का आरोप है, जिसमें नवंबर 2008 में मुंबई पर तीन दिवसीय घातक हमला भी शामिल है। जिसमें कसाब को पकड़ा गया था।

अमेरिकी के विदेश मंत्री ने दिया बयान

रुबियो ने एक बयान में कहा कि वाशिंगटन द्वारा टीआरएफ को "विदेशी आतंकवादी संगठन" और "विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी" घोषित करने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के "पहलगाम हमले के लिए न्याय की मांग" को बल मिला। बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ था भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध

दिल्ली स्थित थिंक टैंक, साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार, टीआरएफ को लश्कर-ए-तैयबा का एक अंग माना जाता है। इस आतंकी हमले के बाद परमाणु-सशस्त्र एशियाई पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को तीन दिन में ही घुटनों पर ला दिया था।

आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाएं सभी बड़े देश : इजरायल

भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत कोब्बी शोशनी ने कहा कि सभी बड़े देशों को आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

भारत और इजरायल कई सालों से आतंकवाद से पीड़ित

तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दिए गए विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शोशनी ने कहा, भारत और इजरायल कई सालों से आतंकवाद से पीड़ित हैं। मुझे लगता है कि यह बेहद जरूरी है कि सभी बड़े देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों। यह पूरी दुनिया के हित में है। अगर सभी बड़े देश आतंकी गतिविधियों के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, तो आतंकवाद जारी रहेगा।

 50 इजरायली बंधक अभी भी गाजा में हैं

उन्होंने कहा, 50 इजरायली बंधक अभी भी गाजा में हैं। उम्मीद है कि अमेरिका और इजरायली सरकार उन्हें वापस लाएगी। इससे पहले मंगलवार को जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ अडिग रुख अपनाने के महत्व पर जोर दिया था।

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