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'आपके बारे में सोच रहा हूं', न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने क्यों लिखी तिहाड़ में बंद उमर खालिद को चिट्ठी?

Published: Fri, 02 Jan 2026 08:18 AM (IST)Updated: Fri, 02 Jan 2026 08:23 AM (IST)

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद को एक पत्र लिखा है। ममदानी ...और पढ़ें

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी (फोटो-सोशल मीडिया)

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी (फोटो-सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बने जोहरान ममदानी ने जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद को एक पत्र लिखा है। इस पत्र को जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के माता-पिता को सौंप दिया।

ममदानी ने चिट्ठी में क्या लिखा?

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को चिट्ठी में लिखा कि 'डियर उमर, मुझे अक्सर कड़वाहट में आपके शब्द याद आते हैं और यह भी कि इसे स्वयं पर हावी न होने देना कितना महत्वपूर्ण है। आपके माता-पिता से मिलकर बहुत खुशी हुई। हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं।'

34 वर्षीय जोहरान ममदानी पिछले साल न्यूयॉर्क शहर के पहले एशियाई अमेरिकी और मुस्लिम मेयर बने। ममदानी ने दिसंबर 2025 में अमेरिका की यात्रा के दौरान उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात के समय उन्हें यह नोट सौंपा था।

गुरुवार 1 जनवरी को, जिस दिन जोहरान ममदानी ने मेयर पद की शपथ ली, उसी दिन खालिद की साथी बूनोज्योत्सना लाहिड़ी ने X पर एक पोस्ट में इस नोट की तस्वीर शेयर की।

NYC Mayor Office Zohran Mamdani

ममदानी ने क्यों लिखा ये पत्र?

लाहिड़ी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया कि उमर के माता-पिता साहिबा खानम और सैयद कासिम रसूल इलियास अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी से ठीक पहले अमेरिका गए थे, ताकि वे अपनी एक बड़ी बेटी से मिल सकें जो वहां रहती है क्योंकि वह शादी में शामिल नहीं हो पाएगी।

लाहिड़ी ने आगे बताया कि उस समय उमर खालिद के माता-पिता ममदानी से मिले थे और उस वक्त ही जोहरान ममदानी ने उमर के लिए ये चिट्ठी लिखी थी।

मैकगवर्न ने भी लिखी चिट्ठी

कांग्रेस सदस्य जेम्स पी. मैकगवर्न ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में मैकगवर्न ने 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में आरोपित लोगों की मुकदमे से पहले की हिरासत पर चिंता व्यक्त की है।

अपने पत्र में जेम्स पी. मैकगवर्न ने लिखा, 'हिंसा भड़काने के आरोप में, अधिकारियों ने उमर खालिद और अन्य मुस्लिम मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप जारी किए। मानवाधिकार संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और वैश्विक मीडिया ने जांच और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। प्रतिष्ठित मानवाधिकार समूहों द्वारा की गई स्वतंत्र जांच में खालिद को आतंकवादी गतिविधि से जोड़ने वाले कोई सबूत नहीं मिले।'

मैकगवर्न ने आगे लिखा कहा कि नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि (आईसीसीपीआर) के एक पक्षकार राज्य के रूप में, भारत को व्यक्तियों के 'उचित समय के भीतर मुकदमा चलाने या रिहा किए जाने' के अधिकार और दोषी साबित होने तक निर्दोष माने जाने के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।

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