'बिना मंजूरी के यह कार्रवाई की गई', वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन की वैधता पर विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाकर राष्ट्रपति मादुरो को हटा दिया, जिन पर नार्को-आतंकवाद का आरोप है। ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल भंडार का उपयोग ...और पढ़ें

वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन पर सवालिया निशान।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के सैन्य अभियान के बाद वेनेजुएला में तनावपूर्ण शांति का माहौल है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ कर उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया। मादुरो पर अमेरिका में नार्को-आतंकवाद की साजिश रचने का आरोप हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस दक्षिण अमेरिकी देश का प्रबंधन करेगा और इसके विशाल तेल भंडार का उपयोग अन्य देशों को बेचने के लिए करेगा। उधर, कानूनी विशेषज्ञों ने इस ऑपरेशन की वैधता पर सवाल उठाए हैं, जोकि अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के बिना किया गया था।
'सैनिकों को खतरे में डाल रही ट्रंप की रणनीति'
डेमोक्रेट और राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे बड़े आलोचकों में से एक इलिनाय के गवर्नर जेबी प्रित्जकर ने पोस्ट किया कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई असंवैधानिक है और बिना दीर्घकालिक रणनीति के सैनिकों को खतरे में डाल रही है। प्रित्जकर ने लिखा- ''अमेरिकी लोगों को एक ऐसा राष्ट्रपति चाहिए जो उनकी जिंदगी को बेहतर और सरल बनाने पर ध्यान दे।''
ट्रंप की हो रही आलोचना
विस्कान्सिन से डेमोक्रेट अमेरिकी सीनेटर टैमी बाल्डविन ने एक्स पर पोस्ट में हमलों को अवैध बताया और ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस की मंजूरी के बिना यह कार्रवाई की। उन्होंने लिखा- ''राष्ट्रपति के पास अन्य देशों पर आक्रमण करने, उनकी सरकारों को उखाड़ फेंकने और उनके संसाधनों को जब्त करने का एकतरफा अधिकार नहीं है।''
अमेरिकी सीनेटर चक ग्रास्ली, जोकि आयोवा से रिपब्लिकन हैं और राष्ट्रपति प्रो टेम्पोर के रूप में कार्य करते हैं, ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट किया कि मादुरो एक नार्को-आतंकी है और उसकी मादक पदार्थों की तस्करी के कारण बहुत से अमेरिकियों की मौत हुई है। उन्होंने ट्रंप के ऑपरेशन की तुलना 1989 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को गिरफ्तार करने के फैसले की।
डेमोक्रेटिक सीनेट नेता चक शूमर ने मादुरो को एक क्रूर व्यक्ति कहा लेकिन साथ ही जोड़ा कि आप कानूनहीनता का इलाज कानूनहीनता से नहीं करते मगर हुआ यही है। हमने इतने सालों में सीखा है कि जब अमेरिका इस तरह से सरकार बदलने और देश बनाने की कोशिश करता है तो अमेरिकी लोगों को खून और नतीजों दोनों से इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
ईरान ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेताया
रविवार को एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में ईरान की राजधानी में एक बैनर दिखाया गया, जिसमें अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी गई है कि यदि उनके सैनिक देश में कार्रवाई करते हैं तो उन्हें मार दिया जाएगा। ट्रंप ने हाल में टिप्पणी कि थी कि यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा।
यहां यह भी बता दें कि अमेरिकी द्वारा पकड़े गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तेहरान के लंबे समय से सहयोगी रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अवैध अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। उधर, अमेरिकी के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका के विरोधियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अमेरिका कहीं भी, कभी भी अपनी इच्छा को लागू कर सकता है।
वेनेजुएला में ट्रंप के कदम के खिलाफ अमेरिका भर में प्रदर्शन
कैलिफोर्निया से मिसौरी और टेक्सास तक, प्रदर्शनकारी रविवार और सप्ताह भर वेनेजुएला में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान और मादुरो की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई को अवैध और असंवैधानिक आक्रमण करार दिया है। दर्जनों प्रदर्शन इंडिविजिबल नामक वामपंथी समूह के इकाईयों द्वारा किए जा रहे हैं। लोग ट्रंप के कदम पर आपत्ति जता रहे हैं।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने वेनेजुएला में लोकतंत्र की वापसी की मांग की
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का जाना वेनेजुएला के लोगों के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने वेनेजुएला में लोकतंत्र की वापसी की मांग की। उन्होंने कहा कि मादुरो एक निर्दय तानाशाह था जिसने वेनेजुएलावासियों की स्वतंत्रता को छीन लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

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