विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष के साथ की बात, द्विपक्षीय सहयोग, यूक्रेन और जी-20 समेत कई मुद्दों पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) के साथ व्यापक बातचीत की। इस बैठक में दोनों नेताओं के पीछे क्या बातचीत हुई जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट...
न्यूयॉर्क, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने शनिवार को यूएन जनरल डिबेट में अपने संबोधन से कुछ घंटे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) के साथ व्यापक बातचीत की। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक दोंनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, यूक्रेन संघर्ष, जी-20 और संयुक्त राष्ट्र सुधारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने रूस को भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया।
कई मुद्दों पर चर्चा
जयशंकर ने लावरोव के साथ बैठक के बाद संवादताओं को उक्त वार्ता की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। मेरी बैठक का कुछ हिस्सा हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर केंद्रित था क्योंकि रूस कई क्षेत्रों में भारत का एक प्रमुख भागीदार है। जयशंकर ने लावरोव से मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा- UNGA 77 में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई। यही नहीं हमने यूक्रेन, जी-20 और संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के बारे में भी बात
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से बड़े मुद्दे हैं, जो रूस और बाकी दुनिया पर केंद्रित हैं। इन रिश्तों को जरूरतों, प्रक्रियाओं और उद्देश्यों का समाधान करना होगा। हमने यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से बात की। जी-20 के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भारत इस दिसंबर में जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। रूस बहस के केंद्र में जी-20 है। हमने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के बारे में भी बात की। जयशंकर और लावरोव के बीच इस साल यह चौथी बैठक थी।
यूक्रेन संकट गर्म मुद्दा
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस हफ्ते यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शमीहाल के साथ भी बैठक की थी। इस बैठक के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने मुझे अपने विचारों से अवगत कराया। उन्होंने यूक्रेन में जो हो रहा है उसके बारे में जानकारी दी। यूक्रेन और रूस के बीच जारी गतिरोध अपने आप में सबसे बड़ी चिंता है। सनद रहे महासभा में दिए अपने संबोधन में भी भारतीय विदेश मंत्री ने परोक्ष रूप से यूक्रेन संकट का जिक्र किया था।
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