नई दिल्ली। एपी। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आवास मार-ए-लागो पर गोपनीय दस्तावेजों की तलाश में FBI के छापे के दौरान जब्त वर्गीकृत दस्तावेजों को लेकर ट्रंप के वकीलों ने मंगलवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ट्रंप की टीम ने न्यायाधीशों से जब्त 100 दस्तावेजों की जांच पर रोक लगा इसकी समीक्षा एक स्वतंत्र विशेष मास्टर से कराने को कहा है।

ट्रंप की टीम की सुप्रीम कोर्ट से अपील

अपीलीय कोर्ट के तीन जजों ने पिछले महीने अपने निर्णय में कहा था कि जब्त दस्तावेजों में से 100 संवेदनशील दस्तावेजों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।

वहीं पिछले महीने विशेष मास्टर की समीक्षा को भी सीमित करते हुए जजों ने तर्क दिया कि विशेष मास्टर के लिए ऐसा कोई भी कानूनी आधार नहीं है जिसके तहत वर्गीकृत रिकॉर्ड की समीक्षा की जाए। लेकिन ट्रंप के वकीलों ने अपने आवेदन में कहा कि विशेष मास्टर के लिए वर्गीकृत रिकॉर्ड तक पहुंच होना जरूरी है जिससे ये निर्धारित किया जा सके कि आखिर में ये दस्तावेज पर्सनल रिकॉर्ड हैं या राष्ट्रपति के रिकॉर्ड है।

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क्या है ट्रंप की टीम का कहना

बता दें कि ट्रंप की टीम ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट से एक विशेष मास्टर नियुक्त करने की अपील की थी। टीम का कहना था कि ये विशेष मास्टर ही ट्रंप के आवास मार-ए-लागो पर एफबीआइ की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की समीक्षा करें।

इस मामले में जज ने ट्रंप की टीम के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया था। उल्लेखनीय है कि नए राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए व्हाइट हाउस छोड़ते समय ट्रंप 11 हजार दस्तावेजों को अपने साथ ले गए थे, इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े 100 वर्गीकृत दस्तावेज भी शामिल थे। इन रिकार्डों से न्याय विभाग ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।

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Edited By: Nidhi Avinash

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