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    बंगाल में 6 महीने में 6 दोषियों को मौत की सजा, नाबालिगों से दुष्कर्म मामले में अदालतों ने सुनाया फैसला

    बंगाल में पिछले छह महीने में मृत्युदंड की सजा पाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बीते छह महीने में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है। इस सूची में आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषी संजय राय का नाम शामिल नहीं है क्योंकि अदालत ने दोषी को मौत की सजा नहीं दी।

    By Jagran News Edited By: Swaraj Srivastava Updated: Wed, 19 Feb 2025 10:00 PM (IST)
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    सूची में आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म के दोषी संजय राय का नाम शामिल नहीं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल की विभिन्न अदालतों ने नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बीते छह महीने में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। इसके अलावा अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के दोषी व्यक्ति को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई गई, जिससे राज्य में पिछले छह महीने में मृत्युदंड की सजा पाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

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    मृत्युदंड के इन सात में से छह मामलों को लड़कियों से दुष्कर्म और हत्या के ‘दुर्लभ’ मामलों की श्रेणी में शामिल किया गया था। इनमें आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पाक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    आरजी कर के आरोपी का नाम शामिल नहीं

    इस सूची में आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषी संजय राय का नाम शामिल नहीं है, क्योंकि कोलकाता की एक अदालत ने नौ अगस्त, 2023 को ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा नहीं दी। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    इसके अलावा, कक्षा आठ की 14 वर्षीय छात्रा की दुष्कर्म और हत्या का मामला भी इसमें शामिल नहीं है। किशोरी का क्षत-विक्षत शव इस साल सात फरवरी को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में मिला था। पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार किया है। बंगाल में आखिरी न्यायिक फांसी दो दशक पहले हुई थी।

    कई मामलों में सुनाई सजा

    • दक्षिण कोलकाता के एक आवासीय इमारत के सुरक्षा गार्ड धनंजय चटर्जी को 16 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अलीपुर जेल में वर्ष 2004 में 15 अगस्त से ठीक पहले फांसी दी गई थी। इस अपराध को मार्च 1990 में अंजाम दिया गया था। जघन्य अपराध के इन मामलों में सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच मौत की सजा सुनाई गई।
    • बंगाल के सिलीगुड़ी की एक पाक्सो अदालत ने सात सितंबर 2023 को मोहम्मद अब्बास को मौत की सजा सुनाई। उसे अगस्त 2023 में माटीगारा इलाके में स्कूल जा रही 16 वर्षीय लडक़ी से दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया गया था।
    • टीएमसी ने इस फैसले का स्वागत किया और अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि यह त्वरित सजा बंगाल पुलिस के प्रयासों का प्रमाण है जिसने एक साल के भीतर न्याय सुनिश्चित किया। अपराजिता दुष्कर्म विरोधी विधेयक के लागू होने से इस तरह की कठोर सजाएं एक मिसाल बनेंगी, अपराधियों में डर पैदा करेंगी और ऐसे जघन्य अपराधों को रोका जा सकेगा।

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