Kolkata: वित्तीय धोखाधड़ी मामले में नुसरत जहां को लगभग तीन महीने की राहत, दिसंबर में होगी अगली सुनवाई
नुसरत जहां ने अपने काम के बोझ के कारण कुछ दिनों के लिए अदालत में पेश होने से छुट्टी मांगी। निचली अदालत ने सोमवार को उनकी अर्जी मंजूर कर ली। नुसरत की वकील सरिता सिंह ने कहा कि उन्हें चार दिसंबर तक कोर्ट में पेश नहीं होना पड़ेगा। नुसरत के मामले की सुनवाई सोमवार को अलीपुर जज कोर्ट में हुई।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। फ्लैट देने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां को लगभग तीन महीने की राहत मिली है। नुसरत जहां ने अपने काम के बोझ के कारण कुछ दिनों के लिए अदालत में पेश होने से छुट्टी मांगी थी।
निचली अदालत ने अर्जी को दी मंजूरी
निचली अदालत ने सोमवार को उनकी अर्जी मंजूर कर ली। नुसरत की वकील सरिता सिंह ने कहा कि उन्हें चार दिसंबर तक कोर्ट में पेश नहीं होना पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर अदालत बशीरहाट से तृणमूल सांसद और टालीवुड अभिनेत्री नुसरत को पेश होने के लिए कहेगी तो वह अदालत आएंगी।
नुसरत के मामले की सुनवाई सोमवार को अलीपुर जज कोर्ट में हुई। सांसद से अभिनेत्री बनीं नुसरत को भाजपा नेता शंकुदेव पांडा द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों के आधार पर जमानत के लिए आवेदन करने के लिए व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। नुसरत उसी मामले में अलीपुर जज कोर्ट में पेश हुईं।
दिसंबर में होगी अगली सुनवाई
नुसरत की वकील ने अदालत को बताया कि वह एक सांसद और अभिनेत्री के रूप में कार्यभार के कारण उपस्थित होने में असमर्थ हैं। इस संबंध में नुसरत की वकील ने भी कहा कि उन्हें हाजिरी से छूट मिलनी चाहिए। उनकी वकील सरिता सिंह ने बताया कि अर्जी मंजूर हो गई है।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट पहले ही पेशी निलंबित कर चुका है। आज उस निलंबन पर निचली अदालत में सुनवाई थी। फिलहाल राहत दी गई है। लेकिन अगर अगली सुनवाई में आने के लिए कहा जाएगा तो वह आएंगी।
बता दें कि 2014-15 में 400 से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों ने एक कंपनी में पैसा जमा किया था। प्रत्येक से 5.5 लाख रुपये लिए गए। इसके बदले उन्हें 1,000 वर्ग फुट का फ्लैट देने का वादा किया गया था। लेकिन उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही पैसे वापस मिले।
नुसरत का दावा कंपनी से नहीं है कोई नाता
भाजपा नेता शंकुदेव ने दावा किया कि नुसरत कंपनी की एकमात्र निदेशक थीं। उन्होंने इस संबंध में ईडी कार्यालय में शिकायत करने का भी दावा किया। हाल ही में इसी शिकायत के आधार पर नुसरत को ईडी दफ्तर में तलब किया गया था। हालांकि नुसरत ने दावा किया, वह ऐसी किसी कंपनी से नहीं जुड़ी हैं।
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