यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengal News: सीएम ममता बनर्जी ने खोला एक बड़ा राज, कहा- टाटा को सिंगुर से मैंने नहीं, माकपा ने निकाला
Bengal News उन्होंने यह बात सिलिगुड़ी में आयोजित विजया सम्मिलनी में कहीं। उन्होंने कहा मैंने टाटा को नहीं निकाला। माकपा ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। Bengal News: सीएम ममता बनर्जी के विपक्ष में रहते जिस सिंगुर आंदोलन के चलते टाटा को अपनी लखटकिया नैनो कार परियोजना को बंगाल से गुजरात में हस्तांतरित करना पड़ा था, अब उसको लेकर ममता का बड़ा बयान सामने आया है। 2011 से बंगाल की सत्ता संभाल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि सिंगुर से टाटा को मैंने नहीं बल्कि तत्कालीन माकपा नीत वाममोर्चा की सरकार ने निकाला था।
ममता ने स्पष्ट कहा कि टाटा की नैनो परियोजना के बंगाल से बाहर जाने के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। उन्होंने यह बात सिलिगुड़ी में आयोजित विजया सम्मिलनी में कहीं। उन्होंने कहा, मैंने टाटा को नहीं निकाला। माकपा ने निकाला। तत्कालीन वाममोर्चा सरकार ने जोर-जबरदस्ती लोगों से जमीन ली थी, हमने उसे वापस दिलाने का काम किया।
ममता ने कहा कि नैनो कारखाना बनाने के लिए सिंगुर में खेती की जमीन तत्कालीन बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार ने किसानों से लेकर टाटा को दी थी। उन्होंने कहा, मुझे पता चला है कि कई लोग यह बात कर रहे हैं कि मैंने टाटा को बाहर निकाला।तो मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैंने टाटा को नहीं निकाला, माकपा ने निकाला।
आप लोग जोर-जबरदस्ती जमीन दखल करने गए थे। हमने लोगों को उनकी जमीन वापस दिलाई। ममता ने आगे कहा कि राज्य में 2011 में उनकी सरकार आने के बाद इतनी सारी परियोजनाएं लग रही है, लेकिन उन्होंने किसी की जमीन जोर-जबरदस्ती नहीं ली है।
ममता ने कहा कि हम किसी भी उद्योगपति के साथ वैमनस्य नहीं करते। उन्होंने कहा कि राज्य में जमीन का अभाव नहीं है।जोर-जबरदस्ती हम जमीन क्यों लें। हम तो चाहते हैं कि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग आएं। यहां रोजगार के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील करते हुए कहा कि बंगाल में आइए, यहां उद्योग-धंधे लगाइए।
