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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Avalanche: चमोली के बाद गंगोत्री हाईवे पर आया एवलांच, मच गई अफरा-तफरी

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Fri, 28 Feb 2025 07:55 PM (IST)

Uttarakhand Avalanche उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश का कहर जारी है। चमोली के बाद अब गंगोत्री हाईवे पर भी एवलांच ...और पढ़ें

Uttarakhand Avalanche: गंगोत्री हाईवे पर डबरानी में हिमस्खलन, 48 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप. Jagran
Uttarakhand Avalanche: गंगोत्री हाईवे पर डबरानी में हिमस्खलन, 48 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप. Jagran

HighLights

  1. जिले में तीन दिनों से लगातार वर्षा व बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित
  2. गंगा व यमुना दोनों घाटियों में 24 से अधिक गांव हुए हिमाच्छादित
  3. यमुनोत्री धाम में तीन फिट तो गंगोत्री धाम में चार फिट तक पड़ी बर्फ

उत्तरकाशी/बड़कोट/पुरोला। Uttarakhand Avalanche: सीमांत जनपद में बीते तीन दिनों से वर्षा व बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी से आगे आवाजाही ठप हो गई है। गंगनानी से गंगोत्री के बीच हाईवे पर डबरानी में हिमस्खलन हुआ है।

बर्फबारी से गंगा व यमुनाघाटी के कुल 24 से अधिक गांव हिमाच्छादित हो गए हैं। वहीं, वर्षा व बर्फबारी से दोनों घाटियों में कुल 48 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।

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यमुनोत्री धाम में जहां लगातार बर्फबारी से तीन फीट तक बर्फ पड़ चुकी है। वहीं, गंगोत्री धाम में चार फीट तक बर्फबारी होने का अनुमान है। जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील क्षेत्रों में रूक-रूककर लगातार वर्षा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे बंद

यहां बीते बुधवार व गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील क्षेत्रों में रूक-रूककर वर्षा का सिलसिला जारी रहा। बर्फबारी के चलते जहां गंगोत्री हाईवे पर गत गुरुवार को सुक्की टाप से आगे सामान्य वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया था।

वहीं, शुक्रवार को हाईवे पर बर्फबारी के चलते गंगनानी से आगे आवाजाही ठप हो गई है। शुक्रवार शाम को डबरानी में पहाड़ी से हुए हिमस्खलन के साथ बोल्डर भी हाईवे पर आ गए आए हैं। गंगनानी से डबरानी के बीच पत्थर भी गिर रहे हैं। बीते गुरुवार रात से ही हर्षिल घाटी के आठ गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है।

गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम में चार फिट तक बर्फ गिरी है। हर्षिल, मुखवा समेत घाटी के सभी आठ गांव एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। उधर, यमुनोत्री धाम समेत आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार वर्षा और बर्फबारी हो रही है।

यमुना जी के शीतकालीन प्रवास खरसाली के पुजारी रावल शेखर उनियाल ने बताया कि लगातार वर्षा और बर्फबारी से फूलचट्टी से जानकी चट्टी, नारायण पुरी और खरसाली मार्ग पूरी तरह से बंद पड़ा है। खरसाली में गुरुवार शाम को हल्की बर्फबारी हुई थी, लेकिन वर्षा के कारण बर्फ अधिक समय तक नहीं टिक पाई। सड़कों व रास्तों पर अत्यधिक फिसलन हो गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। यमुनोत्री धाम में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जहां अब तक लगभग तीन फीट बर्फ गिर चुकी है और अभी भी बर्फबारी जारी है।

पुरोला व मोरी के 35 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप

वर्षा व बर्फबारी से पुरोला व मोरी के 35 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। खेड़ा घाटी के फिताड़ी मोटर मार्ग के दो किमी भू-धंसाव प्रभावित हिस्से में मलबा आ गया है। इससे फिताड़ी, लिवाड़ी, कास्ला, रेकचा आदि गांव की आवाजाही ठप हो गई है।

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वहीं, पुरोला क्षेत्र में भी तीन दिन से लगातार जारी मूसलाधार वर्षा व रिखनाल, सिंगाई, सरूका, रींगाली समेत आराकोट, बंगाण, बालचा, मोड़ा आदि ऊपरी पहाड़ियों भी वर्षा व बर्फबारी जारी है।

रेक्चा गांव के पूर्व प्रधान प्रहलाद सिंह रावत ने बताया कि जखोल खेड़ा घाटी फिताड़ी मोटर मार्ग पर फिताडी गांव से तीन किमी पहले गुरुवार से लगातार जारी भूस्खलन से रोड बंद है, जिसके चलते लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।