स्मैक तस्करी में पीलीभीत निवासी बाप-बेटे को जेल, देना होगा एक लाख व 80 हजार का जुर्माना
पीलीभीत में स्मैक तस्करी के मामले में बाप-बेटे को अदालत ने दोषी पाया। पिता मुन्ना लाल पर एक लाख और बेटे रामपाल पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पुलिस ने 2012 में दोनों को 250 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।

बनबसा में फागपुर में 250 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े गए थे अभियुक्त. Concept Photo
जागरण संवाददाता, चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) अनुज कुमार संगल की कोर्ट ने स्मैक तस्करी के मामले में पिता-पुत्र को आठ व सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पिता पर एक लाख व बेटे पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड न देने दोनों को क्रमश: एक वर्ष व आठ माह का अतिरिक्त समय जेल में बिताना होगा।
बनबसा पुलिस ने जनवरी 2022 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के सुनगड़ी, बड़ा फाटक निवासी 55 वर्षीय सत्यपाल व उसके बेटे 28 वर्षीय वीरेंद्र को स्मैक के साथ पकड़ा था। गश्त पर गई पुलिस ने फागपुर देवी मंदिर के निकट जंगल में सार्वजनिक शौचालय के पास सत्यपाल से 150 ग्राम व वीरेंद्र से 100 ग्राम स्मैक बरामद की थी।
अभियोजन पक्ष ने छह गवाह व 33 दस्तावेजों ने दोनों अभियुक्तों पर आरोप सिद्ध किया। कोर्ट ने कहा स्मैक की इतनी बड़ी मात्रा सैकड़ों व्यक्तियों के जीवन को संकट में डाल सकती है। इसके आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।

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