रुद्रप्रयाग, जेएनएन। विषम भूगोल और शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग पर दुश्वारियों के बावजूद केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। बीते 12 दिनों में धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख पार कर चुका है। सप्ताहभर से प्रतिदिन 10 से 15 हजार लोग प्रतिदिन दर्शनों को पहुंच रहे हैं। हालांकि पिछले वर्ष इसी अवधि में एक लाख 43 हजार यात्री पहुंचे थे। 

दरअसल, भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ में फेब्रिकेटेड हट समेत पुनर्निर्माण कार्यों को भी क्षति पहुंची है। केदारनाथ के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड से धाम तक 16 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर आठ किलोमीटर भाग में जगह-जगह हिमखंड बने हुए हैं। ऐसे में लग रहा था कि इस बार यात्रा को लेकर संशय बना हुआ था। 

शुरुआती दौर में सुस्त यात्रा से आशंका को बल भी मिला। नौ मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले तो पहले दिन करीब साढ़े छह हजार यात्री ही पहुंचे, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए यात्रियों का उत्साह दिखाई देने लगा।

बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी एमपी जमलोकी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ में रात्रि विश्राम करने से भी सुरक्षित यात्रा का संदेश गया है। निश्चिततौर पर अब यात्रियों की संख्या में और इजाफा होगा।

गौरतलब है कि जून 2013 में आई आपदा के बाद यात्रा सुस्त हो गई थी, लेकिन वर्ष 2016 से यह पटरी पर आनी शुरू हुई। वर्ष 2016 में पूरे सीजन में 309533 तथा वर्ष 2017 में 471235 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। पिछले वर्ष 2018 में 732241 यात्री भोले बाबा के दर पर पहुंचे थे। 

गंगोत्री और यमुनोत्री में भी आस्था का सैलाब 

यमुनोत्री में भी आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सात मई को धाम के कपाट खुलने से लेकर 19 मई तक 98389 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके थे। यमुनोत्री धाम में हर दिन सात से आठ हजार यात्री दर्शन कर रहे हैं। गंगोत्री में 19 मई तक 82235 यात्री दर्शन के लिए पहुंचे थे।

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Posted By: Bhanu