जागरण संवाददाता, कोटद्वार। पोखड़ा प्रखंड के अंतर्गत ग्रामसभा डबरा में गुलदार ने एक महिला को मार डाला। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों का भारी विरोध झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने शिकारी तैनात न होने तक शव को मौके से नहीं उठाने दिया। इधर, ग्रामीणों के आक्रोश के बाद वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने के बाद शिकारी को तैनात कर दि‍या। शि‍कारी जॉय हुकिल ने गुलदार को देर रात मार दिया, जिस वक्त गुलदार को गोली लगी, उस वक्त कोटद्वार के बेस चिकित्सालय में मृतका गोदांबरी देवी का पोस्टमार्टम हो रहा था।

चौबट्टाखाल तहसील के अंतर्गत ग्राम डबरा निवासी गोदांबरी देवी गांव से करीब सौ मीटर दूर खेत में गुड़ाई कर रही थी। आसपास के खेतों में अन्य ग्रामीण भी कार्य में जुटे थे। करीब साढ़े दस बजे अचानक गोदांबरी की गर्दन पर झपट्टा मारा, जिससे वह विरोध भी नहीं कर सकी और उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन गुलदार शव के समीप से नहीं हटा और शव को खाने लगा। कुछ देर बाद शोर सुन अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पत्थर व डंडे फेंक गुलदार को मौके से भगाया। इसके बाद भी गुलदार आसपास ही झाड़ि‍यों में ही बैठा रहा।

इधर, सूचना मिलने के बाद गढ़वाल वन प्रभाग की दमदेवल रेंज से रेंज अधिकारी शुचि चौहान मय टीम मौके पर पहुंची, जहां उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीण एकस्वर में गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने वन विभाग को मौके से शव नहीं उठाने दिया। करीब चार घंटे चली वार्ता के बाद वन महकमे ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर शिकारी जॉय हुकिल को गांव में तैनात कर दिया। साथ ही गांव में पिंजरा भी लगा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया।

चार बार किया शव को झपटने का प्रयास

गुलदार के हमले में मारी गई गोदांबरी देवी के शव को गुलदार ने ग्रामीणों के बीच से चार बार खींचने का प्रयास किया। ग्रामीण सुधीर सुंद्रियाल ने बताया कि गुलदार निडर नजर आ रहा था। बताया कि ग्रामीणों की तादाद काफी अधिक थी, इसके बावजूद गुलदार ने झाड़ि‍यों से बाहर निकल शव को झपट्टा मार झाड़ि‍यों की तरफ खींचने का प्रयास किया। बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक गुलदार गांव के समीप भी नजर आया। उन्होंने संभावना जताई कि गांव में दो-तीन गुलदार घूम रहे हैं।

बीस दिन में तीन हमले

ग्रामसभा डबरा में गुलदार ने पिछले बीस दिनों में तीन ग्रामीणों पर हमले किए। गुलदार ने बीती 21 मई को ग्रामसभा डबरा के तोकग्राम सुंदरई निवासी जयेश्वरी देवी पर हमला किया। हमले में जयेश्वरी देवी को हल्की चोट आई। ग्रामीणों की मांग पर गांव में पिंजरा लगाया गया, जिसमें एक गुलदार कैद हुआ। दो दिन पूर्व में गुलदार ने ग्राम डबरा के समीप एक नेपाली मजदूर पर भी हमला किया, जिसमें मजदूर को हल्की चोट आई। आज गुरुवार को गुलदार ने गोदांबरी देवी की जान ले ली।

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महिला को निवाला बनाने वाला गुलदार ढेर

बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे ग्राम डबरा निवासी गोदांबरी देवी पत्नी ललिता प्रसाद सुंद्रियाल को गुलदार ने निवाला बना दिया। ग्रामीणों की मांग पर बुधवार शाम वन महकमे ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए पौड़ी से शिकारी जॉय हुकिल को गांव में भेजा गया। जॉय हुकिल ने बताया कि वे करीब पौने आठ बजे घटनास्थल पर पहुंचे। जहां मृतक महिला का खून से सना एक कपड़ा पड़ा था। वे अपने साथी के साथ खेत के कोने में बैठ गए। कुछ देर बाद उन्हें खेत में सरसराहट की आवाज सुनाई दी। जैसे ही उन्होंने आवाज की ओर टार्च चमकायी खेत में गुलदार मौजूद था। टार्च की रोशनी पड़ते ही गुलदार उनकी ओर देखते हुए तेजी से दहाड़ा। इस दौरान जॉय हुकिल ने 41-वें शिकार के रूप में गुलदार पर गोली दाग दी। बताया कि मृत गुलदार की उम्र करीब छह वर्ष है व उसका एक कैनाइन टूटा हुआ था। बताया कि शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद गुलदार के आदमखोर होने के कारण का पता चल पाएगा।

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