रामनगर, नैनीताल [जेएनएन]: एक सप्ताह पहले हल्द्वानी में एक खनन कारोबारी के खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि रामनगर में युवक काग्रेस नेता कपिल रावत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसने फाइकस गार्डन में कार में बैठकर तमंचे से गोली चलाई। आत्महत्या का कारण घरेलू विवाद बताया जा रहा है। 

कपिल ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के करीबी लोगों में से एक था। कपिल घरेलू कलह के कारण पिछले पांच दिन से घर नहीं आया था। खुद ब्लॉक प्रमुख एवं उनके साथी उसे खोजने में लगे थे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। 

बाद में पता चला कि इस दौरान वह अपने किसी दोस्त से मिलने अहमदाबाद चला गया था। वहा से लौटने के बाद कपिल ने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को शनिवार की रात काशीपुर से फोन कर इस बात का खुलासा किया। यह भी कहा कि वह उससे मिलना चाहता है। 

ब्लॉक प्रमुख ने उसे घर बुलाया, लेकिन वह मिलने नहीं आया। रविवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे के लगभग किसी ने कोतवाल को फोन पर कपिल की लाश कार में होने की सूचना दी। सूचना देने वाले से यह भी कहा कि उसे गोली मारी गई है। 

कोतवाल विक्रम सिंह राठौर ने यह सूचना ब्लॉक प्रमुख को दी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पता चला कि आइटन कार की ड्राइविंग सीट पर ही बैठकर कपिल ने खुद को गोली मारी थी। उसके हाथ में तंमचा था। गोली लगने से कपिल का भेजा उड़ गया था। 

जिसने भी कपिल की मौत की खबर सुनी वह फाइकस गार्डन की ओर दौड़ पड़ा। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। शाम को उनकी अंतेष्टि कर दी गई। 

तीन बच्चों को बेसहारा छोड़ गया कपिल 

युकां नेता खुद तो दुनिया से चला गया, लेकिन तीन मासूमों को बेसहारा छोड़ गया। उसकी नौ तथा पांच साल की बेटी तथा चाल साल का बेटा है। जिनको यह भी पता नहीं है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। इसके अलावा मां, पिता आनंद सिंह रावत, पत्‍‌नी प्रभा तथा दो बहिनों को रोता-बिलखता छोड़ गया।

खुदकुशी करने से पहले ब्लॉक प्रमुख को किया था मैसेज 

हमेशा अपने दोस्तों के बीच खुश रहने वाला कपिल अपने ही घर से हार गया। गृह कलह से तंग आकर उसने अंत: उसने खुदकुशी का रास्ता चुना। मरने से पहले उनसे अपने सबसे करीबी दोस्त ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को वाट्सएप किया। 

इसमें अपने दिल की सभी बातें लिख दी। सबसे पहले लिखा है कि आदमी सब कुछ कर सकता है, बस घर से हार जाता है। अंत में लिखा था कि मेरी चिता को आग संजय नेगी, गोपू और गौरव दें। ब्लॉक प्रमुख संजय को शनिवार व रविवार को वाट्सएप पर कपिल ने कई मार्मिक संदेश भेजे। 

यह भी जता दिया था कि इस बार उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला कर लिया है। उसने भेजे मैसेज में कहा कि तुम्हें जिंदगी भर मलाल रहेगा, मिल लेता काश। इसके अलावा लिखा कि नेगी जी मेरी अंतिम इच्छा है कि मेरी चिता को तुम, गोपू या गौरव मुखाग्नि दोगे। उसकी मौत से करीबी दोस्त सदमे में हैं। 

सभी का कहना है कि मरने से पहले उसने अपने तीन मासूम बच्चों के बारे में भी नहीं सोचा। अगर जरा भी बच्चों के बारे में सोचता तो इस प्रकार का कदम वह नहीं उठाता। पत्‍‌नी आई सदमे में कपिल की पत्‍‌नी मौके पर ही कार में उसका शव देखकर सदमे में आ गई। वह न तो रो पाई और न ही कुछ बोल पाई। लोग उन्हे घटना स्थल से घर लेकर गए।

फेसबुक पर गम की दास्तां 

फेसबुक में भी कपिल की मौत के बारे में लोगों ने कई प्रतिक्रिया दी है। अरोही रावत ने लिखा कि आज पूरा रामनगर गम में खोया है। आप हमेशा दूसरों को हिम्मत देते थे। आज खुद हिम्मत हार बैठे। ताईफ खान ने लिखा है कि जिंदादिल इसान ऐसा भी कर सकता है क्या? नीरज पाडे ने लिखा कपिल दा मिस यू सोचा भी न था कभी ऐसा भी होगा। 

उमेश पाठक ने लिखा कि यकीन नहीं होता। इसके अलावा शिल्पेंद्र बंसल, नवीन नेगी, बिमला रावत समेत सैकड़ों लोगों ने अपने-अपने स्तर से कपिल की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

एक साल पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश

युकां नेता कपिल ने लगभग एक साल पहले भी पारिवारिक कलह के कारण आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उस समय उसने 100 से अधिक नींद की गोली एक साथ खा ली थी। उस वक्त उसे काफी मुश्किल से बचाया गया था। 

उसके बाद उसके दोस्तों ने उसे भविष्य में इस तरह का आत्मघाती कदम नहीं उठाने की सलाह दी थी। तब उसने अपने दोस्तों से वादा किया था कि वह फिर कभी ऐसा कदम नहीं उठाएगा, लेकिन रविवार को वह वादा भी तोड़ दिया। 

मौत से कुछ मिनट पहले उसने संजय नेगी से फोन पर कहा था कि भाई मिल लो, नहीं तो बाद में नहीं मिलने का मलाल रहेगा। ब्लॉक प्रमुख ने उसे घर आने की सलाह भी दी। यह भी कहा कि तेरी भाभी भी तुझसे मिलना चाहती है। फोन पर कपिल ने आने की बात तो कही, लेकिन नहीं आया। यह कहते हुए ब्लॉक प्रमुख रोने लगे और कहने लगे कि यदि वह घर आ जाता तो वह बच जाता। 

दोस्त से मांगी कार 

अपनी पत्‍‌नी को दवा दिलाने के लिए कपिल ने अपने दोस्त से कार मांगी। उसी कार में बैठकर उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी।

कपिल पर थे 14 मुकदमे 

पुलिस रिकॉर्ड में कपिल पर चौदह मुकदमें लगे थे। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि यह सभी मुकदमें डिग्री कॉलेज में पढ़ने के दौरान छोटे-मोटे झगड़ों के थे, जो अब निपट चुके हैं। 

दोस्तों से मागता रहा रिवाल्वर 

नेगी बताते है कि कपिल ने अपने दोस्तों को फोन कर रिवॉल्वर या फिर तमंचा उपलब्ध कराने को भी कहा था, लेकिन सभी ने इन्कार कर दिया। सभी ने उसे घर आने की सलाह दी, लेकिन वह किसी भी दोस्त के घर नहीं गया।

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Posted By: Bhanu