उत्तराखंड में शीतलहर का कहर: एग्जाम देने आईं छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, आधे घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस
हल्द्वानी में भीषण शीतलहर के बीच कुमाऊं विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं जारी हैं। शुक्रवार को एमबीपीजी कॉलेज में दो छात्राएं ठंड से बीमार पड़ गईं, ...और पढ़ें

स्नातक तृतीय सेमेस्टर दो छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। जागरण
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर के भीषण प्रभाव बना हुआ है। शुक्रवार को तराई-भाबर के इलाके सुबह से ही घने कोहरे की चारद में लिपटे रहे। गलन और ठिठुरन के बीच लोग घरों से निकलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे।
मौसम की ऐसी मार के बीच कुमाऊं विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं जारी हैं। सर्दी के सितम के बीच एग्जाम कराने का प्रभाव शुक्रवार को दिखा। एमबीपीजी कालेज में सुबह की पाली में परीक्षा देने आईं स्नातक तृतीय सेमेस्टर दो छात्राओं की तबीयत खराब हो गई।
परीक्षा कक्ष में एक छात्रा बेसुध हो कर गिर गई। जबकि दूसरी ठंड से ठिठुरते हुए जमीन पर गिर पड़ी। ऐसे में शिक्षक दोनों को परीक्षा कंट्रोल रूम में लेकर आए और हीटर की सुविधा दी। साथ ही 108 सेवा में काल किया। कालेज प्रशासन के अनुसार सुबह करीब 9:35 बजे से लगातार कई फोन किए गए, लेकिन एंबुलेंस सेवा का फोन नहीं उठा। ऐसे में एक मीडिया कर्मी की मदद से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक विषय पहुंचाया गया।
इसके बाद लगभग 10:30 बजे एंबुलेंस पहुंची और दोनों छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया। इधर, हाड़ कंपाने वाली ठंड में विश्वविद्यालय की परीक्षाएं कराया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं, स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं छह जनवरी से प्रस्तावित की गई हैं। जो 21 जनवरी तक दो पालियों में होंगी। शीतलहर और गलन के बीच मैदानी क्षेत्रों में लोगों की हालत खराब है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा बुरी है। ऐसे परीक्षाएं कराया जाना विद्यार्थियों के लिए ठीक नहीं है। शिक्षक भी इसका दबी जुबान विरोध कर रहे हैं।

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